किसी भी व्यक्ति के लिए बिज़ी रहना फ़ायदेमंद हो सकता है, बशर्ते उसकी व्यस्तता से उसकी दिशा और दसा, दोनों ही सही रास्ते पर दिखाई दे रहे हों।
दोस्तों आपने समाज में या यूं कहिए कि अपने आस पास दो तरह के लोगों को देखा होगा। एक तो वो जो बहुत व्यस्त रहते हैं। और दूसरे वो जो ख़ाली रहते हैं। अब ये अलग बात है कि व्यस्त लोगों की ये शिकायतें रहती हैं कि उन्हें ख़ाली टाइम नहीं मिलता। और ख़ाली लोगों को उनका ख़ालीपन ही उन्हें बोर करता है। अब आप ही बताइए कि दोनों में से क्या सही है?
दोस्तों जीवन एक सतत यात्रा है, जिसमें समय का सदुपयोग करने वाला, यानि कि सही दिशा में व्यस्त रहने वाला व्यक्ति ही सफलता, संतोष और सम्मान प्राप्त करता है। हालांकि 'व्यस्तता' शब्द सुनते ही कुछ लोगों को थकान और भागदौड़ जैसी समस्या का एहसास होने लगता है।
लेकिन हम आपको बता दें कि व्यस्त रहने का अर्थ कदापि यह नहीं कि आप थकावट भरा काम ही करें। तभी व्यस्त माने जाएंगे। हमारा मतलब है आप किसी ऑफिस से जुड़े हों, व्यवसाय में व्यस्त हों, किसी शोरुम के मालिक हों, या फ़िर ऑनलाइन कोई ऐसा काम हो जिसे एक जगह बैठकर आपको अपने दिमाग़ से हैंडल करना पड़ रहा हो। यानि सीधे तौर पर कहा जाए तो आपका दिमाग़ किसी काम में जुटा है तब निश्चित तौर पर आप किसी काम में व्यस्त माने जा सकते हैं।
ख़ास बात यह है कि यदि आप अपनी ऊर्जा को जीवन की सही दिशा में लगा रहे हैं तो यक़ीन मानिए, यही व्यस्तता न केवल आपको आलस्य औरयूवी नकारात्मक विचारों से दूर रखता है, बल्कि आपके जीवन में उद्देश्य, आत्मविश्वास और ख़ुशहाली भी लौटाता है। आइए जानते हैं कि व्यस्त रहने के फ़ायदे क्या क्या हो सकते हैं।
बिज़ी रहना कितना फ़ायदेमंद है? (Busy rehna kitna faydemand hai?)
किसी भी व्यक्ति के लिए बिज़ी रहना कितना फ़ायदेमंद हो सकता है, निम्न बिंदुओं के आधार पर जानते हैं -
1. व्यस्तता जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाती है -
जब कोई व्यक्ति किसी काम में डूबा होता है। चाहे वह नौकरी हो, व्यवसाय हो, पढ़ाई हो, कला हो या सेवा हो। उसकी यही व्यस्तता उसे उसके जीवन को एक दिशा में बढ़ाने का काम करती है। बिना वजह ख़ाली समय अक़्सर निराशा और अवसाद का कारण बनता है। वहीं, जो व्यक्ति अपने लिए हर दिन कुछ न कुछ करता है, उसे अपने अस्तित्व का अर्थ महसूस होता है और अपने लक्ष्य के क़रीब बढ़ते रहने के लिए प्रेरणा मिलती है। व्यस्त रहने से व्यक्ति को यह एहसास होता है कि उसका हर दिन किसी न किसी महत्वपूर्ण कार्य में बीत रहा है।
2. मानसिक शांति और आत्मसंतोष -
अक़्सर कहा जाता है कि “ख़ाली दिमाग़ शैतान का घर होता है।” जब हम व्यस्त रहते हैं, तो हमारा मन अनावश्यक चिंताओं और कल्पनाओं में उलझने से बच जाता है। व्यस्त व्यक्ति के पास नकारात्मक बातों को सोचने के लिए समय ही नहीं होता है। वह दिन भर अपने घर पर छोटे-छोटे कार्यों में लगा होता है। अपने काम में तल्लीन व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है, क्योंकि वह जानता है कि वह अपने समय का सही उपयोग कर रहा है।
3. आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का विकास -
लगातार किसी काम में जुटे रहने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास आता है। जैसे-जैसे हम अपने काम में निपुण होते जाते हैं, वैसे-वैसे हमें अपनी क्षमताओं का अंदाज़ा होने लगता है। यही आत्मविश्वास हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। व्यस्त रहने वाला व्यक्ति दूसरों पर निर्भर नहीं रहता, वह स्वयं निर्णय लेता है और अपने जीवन की बागडोर ख़ुद संभालता है।
4. समय का सदुपयोग और अनुशासन -
व्यस्त व्यक्ति समय का मूल्य समझता है। उसे पता होता है कि समय एक बार गया तो लौटकर नहीं आता। इसलिए वह हर क्षण का उपयोग कुछ न कुछ सृजनात्मक कार्य में करता है। व्यस्त होना किसी भी व्यक्ति के लिए अनुशासित होने जैसे है। व्यस्त व्यक्ति के लिए कहा जा सकता है कि वह अपने दिनचर्या को व्यवस्थित रखते हुए, अपनी प्राथमिकताओं को पहचानने लगा है। और अपने लक्ष्य की ओर क़दम दर क़दम बढ़ा रहा है।
5. नकारात्मकता और अवसाद से दूरी -
आधुनिक जीवन में तनाव, अवसाद और अकेलापन एक बड़ी समस्या बन चुके हैं। लेकिन जो लोग ख़ुद को किसी न किसी रचनात्मक कार्य में व्यस्त रखते हैं, वे इन मानसिक रोगों से बहुत हद तक बचे रहते हैं। जब व्यक्ति के पास करने को काम होता है, तो उसे दूसरों की बातों या समाज की आलोचनाओं पर ध्यान देने की ज़रूरत नहीं पड़ती। वह अपनी ऊर्जा को शिकायतों में नहीं, बल्कि अपने कर्म करने में लगाए रखता है।
6. रिश्तों में सुधार और सामाजिक सम्मान -
व्यस्त व्यक्ति आमतौर पर दूसरों की निंदा, चुगली या विवादों में नहीं पड़ता। वह अपने कार्यों से समाज में एक सकारात्मक छवि बनाता है। ऐसे लोग परिवार और समाज दोनों में सम्मान पाते हैं। जब कोई व्यक्ति अपने जीवन में कुछ सार्थक कार्यों में लगा होता है तब वह सकारात्मक सोच से परिपूर्ण होता है जिस कारण उसे किसी के कुछ कहने या सुनने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता है। जिस कारण वह आपसी रिश्ते भी बिना किसी भेदभाव के, परिपक्वता के साथ निभाता है। क्योंकि वह हर चीज़ को समय और समझ के साथ संभालने में सक्षम हो जाता है।
7. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार -
व्यस्त रहने से न केवल मन बल्कि शरीर भी सक्रिय रहता है। काम में लगे रहने से आलस्य और सुस्ती दूर होती है। यह शरीर में ऊर्जा का संचार करता है। चाहे आप किसी शारीरिक काम में लगे हों या मानसिक कार्य में, सक्रियता हमेशा स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है। व्यस्त रहने वाले लोग अधिक समय तक ऊर्जावान और खुशमिज़ाज रहते हैं।
8. सफलता और प्रेरणा का स्रोत -
हर सफल व्यक्ति की एक समानता होती है। वे हमेशा व्यस्त रहते हैं। वे अपने जीवन को लक्ष्य के अनुरूप ढाल चुके होते हैं। जब हम किसी कार्य में पूरी निष्ठा से लगे रहते हैं, तो सफलता अपने आप हमारे पास आती है। सही काम में होने वाली व्यस्तता हमें असफलताओं से डरने नहीं देती, बल्कि हर चुनौती को अवसर में बदलने की क्षमता देती है।
9. आत्म-विकास और नई सीख का अवसर -
व्यस्त रहने का अर्थ सिर्फ काम में डूबे रहना नहीं है, बल्कि हर दिन कुछ नया सीखना भी है। हर समय किसी न किसी उपयोगी गतिविधि में लगे रहने से व्यक्ति अपने ज्ञान, अनुभव और कौशल को बढ़ाने में अंततः सफल हो ही जाता है। यह निरंतर सीखने की प्रवृत्ति उसे समय के साथ और परिपक्व बनाती है।
10. समाज के लिए योगदान -
कोई यदि व्यक्ति स्वयं किसी काम में व्यस्त रहता है, तो वह दूसरों को भी प्रेरित करता है। उसका काम, उसका अनुशासन, उसकी लगन दूसरों के लिए एक उदाहरण बन जाती है। ऐसे लोग न केवल अपने लिए, बल्कि समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक होते हैं। साधारण तौर कहें तो ख़ाली व्यक्ति की अपेक्षा एक व्यस्त व्यक्ति ज़्यादा सकारात्मकता के साथ ख़ुद एवं दूसरों में बदलाव लाने की क्षमता रखता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
व्यस्त रहना जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने का सबसे आसान और प्रभावशील तरीक़ा है। यह हमें आलस्य, और निराशा से दूर रखता है। और साथ ही है हमें आत्मविश्वास, अनुशासन और सफलता की राह पर बनाए रखता है। व्यस्त व्यक्ति ही सच्चे अर्थों में जीवन का आनंद ले पाता है, क्योंकि उसके पास किसी की नकारात्मक बातों को सोचने का टाइम ही नहीं रहता। बस वह अपने कर्म पथ पर चलने में व्यस्त रहता है। इसलिए कहा गया है कि “जो व्यक्ति अपने काम में व्यस्त रहता है, वही जीवन में सबसे सुखी, सफल और मस्त रहता है।”
(- By Alok Khobragade)
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