प्रफुल्ल एमबीए चायवाला बायोग्राफ़ी | जानिए MBA चायवाला के संघर्ष से बुलंदी तक की कहानी।

MBA चायवाला कौन है? प्रफुल्ल बिल्लौर का जीवन परिचय | Prafull billore biography




प्रफुल्ल बिल्लौर दोस्तों आज हम जिस शख्सियत का ज़िक्र करने जा रहे हैं वो अपने आप में ख़ास नहीं थे। बल्कि उन्होंने अपने टेलेंट और कॉन्फिडेंस के बल पर ख़ुद को इतना ख़ास कर दिया है कि जिसकी कल्पना शायद उन्होंने भी नहीं की होगी।

वो आज की जनरेशन के युवा रोल मॉडल हैं। जिन्होंने आधुनिक समय में अपने कठोर परिश्रम, लगन और विश्वास के ज़रिये एक आम आदमी को ऊंची उड़ान भरने का हौसला व सपना दिखाया है। इनकी बेमिसाल कोशिशों को हमारे हज़ारों सलाम हैं।

अब ज़्यादा वक़्त न लगाते हुए बता ही देते हैं कि हम जिनकी मिसाल दे रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि मि. प्रफुल्ल बिल्लौर (Mr. Prafull Billore) चाय वाले हैं। जी हां, जिनको आज पूरी दुनिया MBA चाय वाला (MBA Chaiwala) के नाम से जानती है। सचमुच ये समाज के लिए एक प्रेरणा हैं जो कि एक छोटे से परिवार से निकलकर बिना किसी साधन के इतना बड़ा काम कर देते हैं कि दुनिया देखती रह जाती है।


जीवन की शुरुआत (Prafull billore ka janm)

मिस्टर प्रफुल्ल बिल्लौर जो कि आज विश्व में MBA चाय वाला के नाम से famous हैं, इनका जन्म 14 जनवरी 1996 को भारत के मध्य प्रदेश में इंदौर संभाग के धार ज़िले में हुआ था। यानि कि ये मध्यप्रदेश के ही मूल निवासी हैं। 

वर्तमान समय में इन्होंने MBA चाय वाले के नाम से एक अच्छा ख़ासा business और अच्छी ख़ासी सुर्खियां बटोर रखी हैं। जब भी कहीं चाय पर चर्चा हो और वहां MBA चाय वाले की बात न हो। ऐसा तो संभव ही नहीं।

इनका business पूरे भारत में फ़ैला है। और अब तो ये विदेशों में भी भारत की मिट्टी मतलब चाय की ख़ुशबू और चाय का स्वाद फ़ैलाने के फ़िराक़ में हैं। भगवान करे इनका ये सपना जल्द ही पूरा हो। ताकि भारत के साथ-साथ विदेशों में भी भारत की चाय का बोलबाला हो। 

जहां तक सूत्रों के मुताबिक़ प्रफुल्ल बिल्लौर (Prafull billore) जी ने अपने परिवार एवं पर्सनल लाइफ़ जैसे गर्लफ्रेंड या शादी के बारे में सोशल मीडिया पर कुछ ख़ास जानकारी शेयर नहीं की है। ख़ैर वैसे भी ये उनका personal matter है। हम तो बस इनके काम, लगन और आत्मविश्वास के क़ायल हैं।

आज ये इतने सफ़ल हो गए हैं कि बड़े-बड़े मोटीवेटर जैसे- संदीप माहेश्वरी, डॉ. विवेक बिंद्रा, josh talk, अनेक YouTube चैनल, न्यूज़ चेनल, स्कूल, कॉलेज, स्पेशल इवेंट आदि में इन्हें बतौर गेस्ट के रूप में, युवाओं को motivate करने और उन्हें प्रेरणा देने के लिए बुलाया जाता है।


प्रफुल्ल बिल्लौर का एजुकेशन (Prafull billore chaiwala education)

प्रफुल्ल बिल्लौर ने अपनी प्राथमिक शिक्षा इंदौर के धार शहर से प्राप्त की। इन्होंने अपनी higher class की education भी म.प्र. में ही पूरी की। प्रफुल्ल बिल्लौर के पिता उन्हें एक बढ़िया से college में MBA Course (Master of Business Administration) करवाना चाहते थे। 

परन्तु क़िस्मत को तो कुछ और ही मंज़ूर था। बिल्लौर जी ने अहमदाबाद के IIM से MBA के लिए 3 वर्षों तक CAT की Exam के लिए जी तोड़ मेहनत की और उसकी exam भी दी। परन्तु इतनी जी तोड़ मेहनत के बावजूद उन्हें उसमें सफ़लता नहीं मिली।

इसके बाद शुरू होती है एमबीए चाय वाले की असली कहानी (MBA Chaiwale ki kahani)। इन्होंने यहीं से बीकॉम की पढाई शुरू की। इसी बीच एक आत्मनिर्भर एवं साहसी उद्यमकर्ता (entrepreneur) का अंकुर इनके दिमाग़ में फूटने लगा।

एक interview में इन्होंने बताया कि इसी के बाद से उनके दिमाग़ में भारत भ्रमण का ख़्याल मन में आया था। लेकिन तब छोटी सी उम्र में ही इन्हें इतनी समझदारी जाने कैसे आ गई। ये करना तो बहुत कुछ चाहते थे परन्तु उसमें वे अपने मां-पिता का सपना जो MBA करने का था। उसे नहीं तोड़ना चाहते थे।

फ़िर इन्होंने दृढ़ निश्चय किया और निकल पड़े अपने सपनों की मंज़िल को पाने की खोज में। प्रफुल्ल बिल्लौर बताते हैं कि उन विपरीत हालातों में, जब इनके पास उतने पैसे और ज़िन्दगी के अनुभव भी कम थे। किस तरह इन्होंने कम पैसों और अपने दिमाग़ का use करके अपनी इस यात्रा को सफल बनाया।

सही मायने में इन्होंने युवाओं को एक सीख दी कि अगर अपनी बातों और अपने नज़रिए को अच्छी तरह व्यक्त करने का हुनर है तो आप कुछ भी कर सकते हैं। इसके लिए आप में, ख़ुद पर अटूट विश्वास और लगन होनी चाहिए। ये कहते हैं कि फ़ालतू की चीज़ों को सोच कर डरने से पहले चाहे वह job interview या कोई business idea ही क्यों न हो। आप इसे पहले start तो करें। रास्ते अपने आप बनते चले जाएंगे।

मेक डोनाल्ड में की नौकरी

प्रफुल्ल बिल्लौर ने अपने शुरुआती दौर में McDonald कम्पनी में भी नौकरी की। इन्होंने इस कंपनी में लगभग 4 साल तक काम किया। इसी कम्पनी में काम करते करते इनके मन में ये ख़याल आया कि क्यों न अपना ख़ुद का business शुरू किया जाए। उन्होंने सोचा कि आख़िर कब तक दूसरों के लिए काम करते रहें। क्यों न ख़ुद का व्यापार शुरू कर अपने इस अनुभव का लाभ ख़ुद अपने लिए सकें। इनके इसी सोच का नतीजा आज पूरा भारत ही नहीं अपितु पूरा विश्व देख रहा है।

कैरियर की शुरुआत 

प्रफुल्ल बिल्लौर बचपन से ही कुछ बड़ा करने के बारे में सोचा करते थे। इन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत चाय का ठेला सड़क पर लगाने के साथ की थी। बिना ये सोचे कि लोग क्या कहेंगे। और शायद इसी सोच ने इनको आज इतने बड़े bussiness empire का मालिक बना दिया है।

बिल्लौर जी ने जब भारत भ्रमण की यात्रा पूरी की तब उन्हें इस चीज़ का एहसास हुआ कि अगर पूरे भारत में सबसे ज़्यादा demandable (मांगे जाने वाली) कोई खाने पीने की चीज़ है तो वह है चाय।

बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी चाय पीने का अच्छा ख़ासा शौक़ रखते हैं। ऑफिस में, स्कूल में, शादी में, पार्टी में। यहां तक कि आजकल शादियों में भी चाय व कॉफ़ी पसंद करने वालों कि तादाद अच्छी ख़ासी देखने मिलती है।

भारत में लोग, उपवास के दिन 1 कप चाय पीकर पूरा दिन गुज़ार लेते हैं। यानि कि सही मायनों में चाय को ख़ूब तवज्जो दी जाती है। बस यही सोचकर प्रफुल्ल बिल्लौर ने अपनी चाय की एक छोटी सी टपरी डालकर अपने business की शुरुआत कर दी।

प्रफुल्ल बिल्लौर बताते हैं कि उन्होंने चाय का ठेला लगाने का प्लान तो बना लिया था लेकिन इसे प्रैक्टिकल में लाने के लिए क़रीब 40-50 दिन लग गए थे। पहले उन्होंने थोड़े से पैसों से एक-एक बर्तन, एक-एक सामान लिया, जो चाय का ठेला लगाने के लिए ज़्यादा ज़रूरी था। मतलब उन्हें इस बिज़नेस को प्लान करने में अच्छा ख़ासा वक़्त और धैर्य की सख़्त ज़रुरत पड़ी।

प्रफुल्ल बिल्लौर के पास bussiness स्टार्ट करने के लिए उस वक़्त उतने पैसे नहीं थे। और उन्हें यह भी पता था कि अगर वो इस काम के लिए घर से पैसे मांगेंगे तो उन्हें शायद नहीं मिल पाएंगे। इसलिए उन्होंने किसी professional course के नाम पर घर वालों से लगभग 8000 रुपए लिए और उन पैसों से 2017 में, अपनी चाय का एक ठेला लगाकर, गुजरात के अहमदाबाद शहर से अपने कैरियर की शुरुआत कर डाली। प्रफुल्ल बिल्लौर (Prafull billore) का मानना है कि किसी की नौकरी करने से बेहतर है ख़ुद का छोटा मोटा काम चालू कर मालिक बना जाए।

शुरुआत में जब उन्होंने चाय का ठेला लगाया तो उन्हें चाय के बारे किसी भी प्रकार का idea नहीं था। यही कि चाय किस तरीक़े से बनायी जाए और कस्टमर से किस तरह डील की जाए? चाय के ज़िद्दी और कड़क बर्तनों को किस तरह साफ़ किया जाए? जब इन्होंने चाय का ठेला लगाया तो इन्हें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ा। जैसे- जब वो चाय बनाते थे तब कई लोग इनकी चाय को भला बुरा भी कहते थे। तो कई बार उन्हें बाहर ठेले के आसपास मच्छरों का भी सामना करना पड़ा। तो इस तरह से उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत की थी।


कैसे पड़ा यह यूनिक नाम (MBA चाय वाला)

शुरुआत में जब चाय का ठेला लगाया तो लगभग 3 से 4 महीने तक उन्होंने अपनी इस दुकान को बेनाम यानि कि बिना किसी नाम के चलाया। फ़िर इसके बाद उन्होंने अपनी दुकान का नाम Mr. Billore रख लिया। कुछ दिनों तक तो सब ठीक ठाक ही रहा। लेकिन तब इनके दोस्त और अन्य लोगों के द्वारा इस नाम का सही-सही उच्चारण (pronounce नहीं हो पा रहा था। फ़िर क्या था, उन्होंने इस दुकान के नाम के साथ छेड़छाड़ करनी शुरु कर दी।

इन सब के चलते काफ़ी वक़्त गुज़र गया। इसी बीच उनके मन में नाम को लेकर ढेरो सवाल जवाब उमड़ने लगे। तब उन्होंने बहुत सोच विचार कर अपने इस टी-स्टॉल का नाम MBA चायवाला (MBA Chaiwala) रख लिया। इस नाम को रखने के पीछे भी एक बड़ी दिलचस्प कहानी है। आइए जानते हैं कि 

इन्होंने अपने एक interview में बताया कि एक दिन सोचते सोचते इन्होंने अपनी डायरी में लगभग 400 नाम लिख डाले। यह सोचकर कि आख़िर ऐसा कौन सा नाम रखा जा सकता है। वो जो भी नाम अपनी दुकान के लिए select करते। वो नाम पहले से ही इंटरनेट या किसी वेबसाइट या Instagram पर available होता था। जिस कारण उन्हें बहुत सारे चुनिंदा नामों को रिजेक्ट (reject) करना पड़ा।

इसके बाद एक दिन अचानक रात को लगभग 2 बजे उनके अपने चाय के ठेले पर बैठे बैठे यह ख़्याल आया कि क्यूं न इसका नाम MBA चाय वाला रख दिया जाए। जिसका सीधा-सीधा मतलब किसी academy (अकादमी) को टार्गेट करना नहीं था बल्कि अपने ख़ुद के ही नाम को एक नया रूप देना था। यहां MBA का मतलब 'मिस्टर बिल्लौर अहमदाबाद' था। और इस तरह उनकी दुकान का नाम "मिस्टर बिल्लौर अहमदाबाद चाय वाले" यानि कि "MBA चाय वाले" हो गया। 

परन्तु इसके बाद इनके दोस्तों और बाक़ी लोगों में काफ़ी मींस बनने लगे। ज़्यादातर लोग इनके नाम के आगे जुड़े MBA का मज़ाक उड़ाने लगे। लोग कहते इनके नाम को लेकर तो कभी इनके काम को लेकर मज़ाक उड़ाने लगे थे।
 
हालात देखकर ये मन ही मन कभी उदास हो जाते, तो कभी इसी कमज़ोरी को अपनी ताक़त बनाकर, एक इतिहास रचने का मन बनाकर ख़ुद ही एक नई ऊर्जा से ऊर्जान्वित हो उठते थे। इस तरह गिरते संभलते, अपनी ही कमज़ोरियों को अपनी ताक़त बनाते हुए एक ऐसी मंज़िल, एक ऐसा मक़ाम हासिल कर लिया। जिसकी प्रेरणा आजकल के युवाओं दी जाती हैं।


बिज़नेस improve करने का आइडिया

दोस्तों चाय का ठेला तो कई लोग खोलते हैं। लेकिन प्रफुल्ल बिल्लौर ने चाय को जो अप्रोच दिलाया है, सचमुच क़ाबिले तारीफ़ है। ये सब एकाएक और रातोरात नहीं हुआ। इन सब के पीछे प्रफुल्ल बिल्लौर चायवाले (Prafull billore chaiwale) का अटूट विश्वास और कड़ी मेहनत है। हर विषम परिस्थिति में अपने आप को संभाले रखा। धैर्य और विश्वास के साथ अपने आप को एक सफल उद्यमी साबित किया। इसके लिए इन्होंने कई तरह के ट्रिक्स (ideas) अपनाए। जिनके कारण उनके bussiness को grow करने में सफलता मिली।

जैसे- इन्होंने वेलेंटाइन डे के उपलक्ष में एक स्पेशल ऑफर try किया। जिसमें इन्होंने, single couple को (चाहे वो girl हो या boy) फ्री में चाय पिलाने का ऑफर दिया। जिससे इनका क्रेज़ युवाओं के बीच एकदम से बढ़ गया। ये single couple के लिए तो मानो मसीहा बन गए।

इसके बाद इन्होंने कई कार्यक्रमों, सम्मेलनों और अन्य छोटी मोटी पार्टियों में फ़्री सेवा देना शुरू किया। जिस कारण ये internet में काफ़ी वायरल हो गए। हर जगह इनके चर्चे होने लगे। इस तरह प्रचार-प्रसार के बाद इनकी चाय और इनके नाम दोनों ही अच्छे ख़ासे पॉपुलर हो गए। फ़िर इन्हें स्कूल, कॉलेज और अनेक कार्यक्रमों में चाय के लिए बुलाया जाने लगा। इस तरह इनका वर्चस्व, काम और नाम लगातार बढ़ने लगा। 

आज इनके नाम का भारत में ही नहीं अपितु विश्व के दूसरे देशों में भी बोलबाला है। इतना ही नहीं, इन्होंने अपने ही जैसे कई युवकों को motivate करने के लिए ट्रेनिंग अकेडमी भी खोली है। जहां ये युवकों को अपने बिज़नेस को improve करने और life को ज़िंदादिली से जीने की प्रेरणा देते हैं।

इन्होंने युवाओं के लिए motivation का एक जीता जागता उदाहरण पेश किया है। वो भी इतनी कम उम्र में, जहां आज के अधिकांश युवा बड़ी बड़ी डिग्रियां प्राप्त करने में ही अपना क़ीमती समय बर्बाद कर देते हैं। वहीं इन्होंने अपने सपनों को हकीकत में करके दिखाया है।

इन्होंने अपनी life में अपने मीठे-कड़वे अनुभवों से इतना कुछ सीख लिया है कि अब इन्होंने ख़ुद की ही एक academy खोल ली है। जिसमें ये अपने जैसे कई युवाओं को बिज़नेस tricks ideas उपलब्ध कराते हैं। पूरे भारत में इनकी 50 से भी ज़्यादा फ्रेंचाइसी हैं। इनका बिज़नेस टर्नओवर जानकर तो हैरान हो जाएंगे। जी हां, इनकी कम्पनी "MBA Chaiwala का सालाना टर्नओर" 5 करोड़ से भी ज़्यादा है।


प्रफुल्ल बिल्लौर की उपलब्धियां (prafull billore ki uplabdhiyan)

एक मध्यम परिवार से ताल्लुक़ रखने वाले प्रफुल्ल बिल्लौर ने अपनी मेहनत के दम पर न केवल ख़ुद का नाम पूरी दुनिया भर में कर लिया बल्कि अपने आप को करोड़पति लिस्ट में भी शामिल कर लिया है। भारत के जिन नामी संस्थानों में कभी प्रफुल्ल बिल्लौर का को पढ़ाई करने मन होता था। आज वही बड़े बड़े इंस्टीट्यूट प्रफुल्ल बिल्लौर चायवाला (prafull billore chaiwala) को बतौर स्पेशल गेस्ट बड़े बड़े कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को मोटिवेट करने के लिए बुलाते हैं। 

प्रफुल्ल बिल्लौर एक साधारण व्यक्ति हैं लेकिन उनकी इन उपलब्धियों ने उन्हें एक असाधारण व्यक्ति बना दिया है। ख़बर तो यह भी है कि बॉलीवुड में भी इनके जीवन पर एक फ़िल्म बनाने का फैसला लिया गया है।




एमबीए चाय वाला यूटयूब चेनल (MBA Chaiwala YouTube channel)

प्रफुल्ल बिल्लौर ने 2021 में अपना Youtube channel Prafull MBA Chai wala शुरू किया था। उसमें मोटिवेशनल शॉर्ट वीडियो, लाइफ़ टिप्स वीडियो अपलोड किया करते थे। जिन्हें लोगों ने काफ़ी ज़्यादा पसंद किया। ये इनकी पापुलैरिटी ही है कि इतनी जल्दी इनके चेनल में 1.30 मिलियन से भी ज़्यादा सब्सक्राइबर हो चुके हैं।

एमबीए चायवाला टर्नओवर (MBA Chaiwala net worth)

प्रफुल्ल बिल्लौर ने सिर्फ़ ₹8000 में इस business को शुरू किया था। इन्होंने पैसों से चाय का एक ठेला लगाकर, गुजरात के अहमदाबाद शहर से अपने कैरियर की शुरुआत की थी। इनकी मेहनत और लगन का नतीजा यह हुआ कि इनका business जल्दी ही नई नई ऊंचाइयो को छूने लगा। इनकी कमाई की बात करें तो इनके यूटयूब चेनल पर होने वाले विज्ञापनों से, MBA Chai wala Frenchies आदि को मिलाकर लगभग 5 से 6 करोड़ सालाना टर्नओवर की कमाई होने लगी है।


एमबीए चायवाला फ्रेंचाइसी प्राइज़ (MBA Chaiwala franchise price)


आजकल पूरे भारत में एमबीए प्रफुल्ल चायवाला (mba prafull chaiwala) की फ्रेंचाइसी के चर्चे ज़ोरो पर हैं। जिन्हें भी एमबीए चायवाला फ्रैंचाइसी (mba chaiwala Frenchise) लेना हो तो इसके लिए उन्हें लगभग 3 से 4 लाख तक का इन्वेस्टमेंट करना होगा। वहीं चाय की दुकान चालू करने के लिए लगभग 100 sq fit क्षेत्रफल की जगह की आवश्यकता होगी। इसके साथ उन्हें अन्य ज़रूरी लाइसेंस भी लेने होंगे। तभी एमबीए चायवाला (MBA Chaiwala) के नाम से अपनी दुकान चला सकते हैं।

दोस्तों ये थी एमबीए चायवाला की कहानी (mba chaiwala ki kahani) जिसके माध्यम से आपने जाना कि प्रफुल्ल बिल्लौर एमबीए चायवाला (prafull billore mba chaiwala) ने किस तरह अपने आपको इस business के लिए तैयार किया। और कितनी शिद्दत से business को करते हुए पूरी दुनियां में मशहूर कर दिया। आज ये देश और दुनिया के उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत का काम करते हैं जो अपने बलबूते पर ख़ुद का व्यापार खोल, मालिक बनने की चाह रखते हैं। 
(- By Poonam)

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