पति पत्नी का प्यार, फीका क्यों पड़ जाता है? ऐसा क्या करें कि पति पत्नी का प्यार बना रहे?

पति पत्नी के प्यार में इतना फीकापन क्यों? क्या है वजह आजकल पति पत्नी के बीच कम होते प्यार में? | पति पत्नी के बीच कम होता प्यार, क्या है कारण?

दोस्तों आजकल की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में कपल्स का एक दूसरे के लिए समय न दे पाना आम बात हो गयी है। ऐसे में विवाहित जोड़े कुछ समय तक तो बेहद रोमांटिक और परवाह भरी लाइफ़ जीते हैं लेकिन कुछ सालों बाद वही कपल्स अपनी भावनाएं व प्यार एक दूसरे से जताना भी ज़रूरी नहीं समझते। ऐसे लोगों को पति पत्नी का जीवन (pati patni ka jivan) बोझ लगने लगता है। 


आज हम इस लेख में पति पत्नी के रिश्ते के कुछ अनछुए पहलुओं के बारे में चर्चा करने वाले हैं। बस आप इस लेख के अंत तक बने रहिएगा। हमें पूरा यक़ीन है की आपको हमारा यह लेख बहुत पसंद आने वाला है। आप इस लेख को पढ़ने के बाद नीचे दिए गए बिंदुओं पर सोचने के लिए मजबूर होने वाले हैं।

दोस्तों आजकल पति पत्नी दोनों कमाई करते हुए पैसा, सुविधाएं, शौक़ आदि की पूर्ति कर तो रहे हैं लेकिन इस जद्दोजहद के बीच, एकदुसरे के लिए उनके बीच वो प्यार कहीं खोने लगा है। आश्चर्य तो इस बात का है कि इन सब के बावजूद उन्हें पता ही नहीं चल पाता कि उनके बीच अब प्यार कम होने का कारण क्या है। काश उन्हें पता हो कि पति पत्नी का प्यार कम होने का कारण (pati patni ka pyar kam hone ka karan) क्या है? तो शायद वे एक कोशिश तो कर ही सकते हैं।

जिस प्यार के साथ, प्यार भरे पलों को, प्यार से जीने के लिए, इंसान इतनी मेहनत करता है। फ़िर क्यों ज़िन्दगी में उलझकर, अपने इसी प्यार को अनदेखा कर बैठता है। कुछ कपल्स आपस में इन समस्याओं का निराकरण कर सुधार कर लेते हैं। लेकिन कुछ कपल्स के रिश्ते टूटने के कगार पर आ खड़े होते हैं। ऐसे लोग जो अभी विवाहित नहीं हैं उनके लिए भी हमारा यह लेख उपयोगी हो सकता है ताकि वे पहले से ही सजग हो जाएं और सामंजस्य के साथ अपने वैवाहिक जीवन का आनंद ले सकें।


दोस्तों यह एक गहरा और संवेदनशील विषय है जिसे समझना उतना ही महत्वपूर्ण है। जितना कि ज़िन्दगी के अन्य पहलुओं को समझना। पति-पत्नी के बीच प्यार में कमी होने के कारण (pati patni ke bich pyar me kami hone ke karan) कई हो सकते हैं। यहाँ हम कुछ मुख्य कारणों के बारे में चर्चा करने वाले हैं। इस लेख  माध्यम से हम इस तरह के कुछ मुख्य कारणों पर आपका ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं।

1. संवेदनशीलता की कमी - 
जब किसी कपल्स में एक या दोनों की संवेदनशीलता कम होती है, तो वे अपने भावों को एक दूसरे से साझा नहीं कर पाते हैं, जिससे उनके बीच प्यार कम हो सकता है। इस तरह एक-दूसरे की भावनाओं को समझने में संवेदनशीलता में कमी भी प्यार को कम कर सकती है। इसलिए कपल्स को चाहिए कि वे एक दूसरे के लिए संवेदनशील रहें। एक दूसरे की भावनाओं को समझें। अपने पार्टनर की भावनाओं का ख्याल ठीक वैसे ही रखें जैसे आप उससे ख़ुद के लिए उम्मीद रखते हैं।

2. बदलता सामाजिक परिवेश -
समाज में बदलते रुझानों और मान्यताओं के कारण, पति-पत्नी के बीच संबंधों में असंतोष उत्पन्न हो सकता है। आजकल का सामाजिक परिवेश कपल्स के मन में एक दूसरे के प्रति असंतोष की भावना पैदा करता है। जो कपल्स ख़ुद को नहीं समझ पाते, वे इस सामाजिकता के शिकार हो जाते हैं।

3. भावनात्मक असंतोष -
कई बार, पति-पत्नी के बीच भावनात्मक मतभेद हो सकते हैं। जैसे कि संघर्ष, निराशा या एक दूसरे के प्रति असंतोष। जो प्यार को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। हमारी सलाह है कि कृपया संभावित कारणों को ख़ुदरा करें और अपने साथी के साथ दिल की सारी बातें कहकर उसके साथ समय बिताने का प्रयास करें। साथ में समय बिताने से कई बातें स्वतः ही ठीक भी हो जाता करती हैं।

4. समय की कमी -
आधुनिक जीवनशैली में होने वाली अनियमितता, काम का दबाव, विभिन्न परिवारिक ज़िम्मेदारियों के चलते बहुत से जोड़ों के लिए, एक-दूसरे के साथ वक्त बिताना, एक सपना बनकर रह जाता है। जिस कारण वे एक दूसरे के साथ बिना किसी उम्मीद के जीवन व्यतीत करने लगते हैं। उनके बीच कम होते प्यार के लिए यह कारण भी अहम हो सकता है। 

अगर पत्नी हाउसवाइफ है तो कभी-कभी ऐसा भी होता है कि घर में कई दिनों तक बैठे-बैठे वह बोर होने लगती है। या पत्नी अगर नौकरी पेशा है तब भी वह काम के बोझ से चिड़चिड़ापन और थकावट महसूस करने लगती है। पति भी नौकरी पेशा या बिज़नेसमैन है तो वह भी काम के बोझ से ख़ुद को परेशान सा महसूस करने लगता है। ऐसी परिस्थितियां अक़्सर झगड़े या मनमुटाव का कारण बनती हैं। इसलिए बेहतर यही होगा कि समय-समय पर ऑफिस या अपने बिज़नेस से ब्रेक लेकर दोनों कहीं घूमने जाएं, ताकि दोनों का मन बहल सके और दोनों ही मानसिक रूप से हल्का महसूस कर सकें।



5. संघर्ष और तनाव -
आधुनिक जीवनशैली में आर्थिक, पारिवारिक या सामाजिक दबाव के कारण, दोनों पति और पत्नी के बीच संघर्ष उत्पन्न हो सकता है। जो प्यार को कम कर सकता है। काम की भागदौड़, वित्तीय चिंताएँ और सामाजिक दबाव संबंधों पर असर डाल सकते हैं। इसलिए पति पत्नी को अपने बीच के इस रिश्ते का ध्यान विशेष रूप से ध्यान रखते हुए एक दूसरे का साथ देते हुए संघर्ष व तनाव के दौर से लड़ने की ताक़त जुटानी चाहिए।


6 संबंधों में संचार की कमी -
आपसी संबंधों में स्पष्टता और संवेदनशीलता की कमी के कारण आपस में संचार की कमी हो सकती है। जो प्यार को कम कर सकती है। कृपया दूर रहकर भी एक दूसरे से अपने दिल की बात कहने से ना हिचकिचाएं। आजकल की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में ऐसे पल बार बार आते हैं। ऐसे में कपल्स को ये नहीं सोचना चाहिए कि ये काम तो सिर्फ़ उनका है। बल्कि ये तो दोनों के लिए उतना ही ज़रूरी है।  प्यार से कहे गए अपने पार्टनर के दो शब्द भी नई जान फूंकने में विशेष भूमिका निभाते हैं।

7. अविश्वास और असहमति - 
संबंधों में विश्वास, समर्थन और सहमति की कमी प्यार को कम कर सकती है। यदि पति पत्नी दोनों ही कामकाजी हैं तब उनके बीच कभी कभी इगो की समस्या बन जाती है। जो उनके बीच के प्यार को कम करने में कोई कसर नहीं छोड़ती। इसलिए यदि आप दोनों ही कामकाजी हैं तो एक दूसरे के लिए विश्वास, समर्थन और सहमति में एकजुटता बनाए रखें। ऐसा करने से आप और भी नई नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।

8. अपेक्षाओं में असमंजता -
जब दोनों पार्टनरों की अपेक्षाएं अलग-अलग होती हैं और वे इन्हें पूरा नहीं कर पाते हैं। तो प्यार कम हो सकता है।अक़्सर एक-दूसरे के प्रति अपेक्षाएं ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ाने से प्यार में कमी हो सकती है। इसलिए काल्पनिक चीज़ों में न उलझकर वास्तविकताओं भरी अपेक्षाएं रखते हुए एक दूसरे का साथ देने का प्रयास करें। इससे एक दूसरे के प्रति प्यार और भी गहरा होता चला जाता है।



9. सगे संबंधियों या दोस्तों की दख़ल-अंदाज़ी -
कभी-कभार, दूसरे संगे संबंधों या दोस्तों के आसरे में, पति-पत्नी के बीच प्यार में कमी हो सकती है। कभी कभी कपल्स एक दूसरे को समय देने के बजाय अपने सगे संबंधियों के आसरे में ज़्यादा रहना शुरू कर देते हैं। एक तरह से कहा जाए तो अपना रिमोट कंट्रोल दूसरों के हाथ में थमा देते हैं। जिसका परिणाम यह होता है कि किसी बात पर गलतफ़हमी हो जाने पर कपल्स आपस में निराकरण करने के बजाय अपनी समस्या का समाधान दूसरे सगे संबंधियों के हाथ में सौंप देते हैं। हम आपको बता दें कि पति पत्नी के बीच की अनेक समस्याएं स्वतः ही मिट जाया करती हैं यदि कपल्स आपस में अपने दिल से एक दूसरे के साथ समझबुझकर समाधान निकालने का प्रयास करें।

10. संबंधों में उचित संतुलन की कमी -
जब आपस में समान संबंध और योगदान की कमी होती है तो वहाँ एक दूसरे के प्रति प्यार में स्वाभाविक रूप से कमी
आ सकती है। जब पति पत्नी को सारी ज़िन्दगी साथ रहना है तो एक दूसरे का दोस्त बनकर रहना चाहिए। पति पत्नी अगर दोस्त बन जाएं तो फ़िर उनके बीच एक बेहतर संतुलन देखने मिलता है। और ज़रा सोचिए कि आपका पार्टनर ही आपका दोस्त हो। तब तो आपकी दोस्ती दुनिया की सबसे बेहतर दोस्ती कहलाएगी। फ़िर तो निश्चित रूप से आपके बीच प्यार और भी गहरा होगा।



11. धार्मिक और सामाजिक नियमों का पालन - 
कई बार, परंपरागत धार्मिक और सामाजिक नियमों का पालन प्यार को कम कर सकता है जैसे कि शादी की विभिन्न परंपराओं या उत्प्रेरणात्मक आंकलन के बजाय सामान्य बातों को बढ़ावा देना। कभी कभी धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं और नियमों के चलते पति पत्नी के बीच अनेक उलझनें पैदा कर दी जाती हैं जिस कारण आपसी रिश्ते को ध्यान देने के बजाय अन्य बातों पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है। परिणामस्वरूप एक दूसरे के लिए प्यार बढ़ने के बजाय कम होता चला जाता है। 

12. साथी के अस्तित्व में परिवर्तन -
कई बार साथी की स्थिति में परिवर्तन होने के कारण आपसी तालमेल गड़बड़ाने लगता है। जैसे कि नौकरी का परिवर्तन, शहर का परिवर्तन आदि के कारण कुछ कपल्स में आपसी बर्ताव, मतभेद या सोचने का तरीक़ा बदलने लगता है। ऐसे मामले में महिला हो या पुरुष ही क्यों न हो। उन्हें एक दूसरे के साथ मिलकर आगे बढ़ने की सोच रखनी चाहिए। क्योंकि नौकरी या बिज़नेस से पैसा कमाने के साथ साथ आपके जीवन में अपने जीवनसाथी का प्यार और पारिवारिक साथ उतना ही महत्वपूर्ण है। और ये सब पैसों से नहीं ख़रीदा जा सकता।

13. पैसों या बजट का इश्यू - 
पतिपत्नी के बीच पैसा एक सैंसिटिव इश्यू होता है। जब दोनों कामकाजी हों तो अपना वेतन कैसे ख़र्च करना है और कहां इन्वैस्ट करना है यह एक बड़ा ही महत्वपूर्ण विषय होता है। यह विवाद का विषय तब बन जाता है जब उनके बीच तालमेल बिगड़ जाता है। जिस कारण झगड़े होने लगते है। अत: इससे बचने के लिए पति पत्नी को मिलबैठ कर हर महीने का बजट बनाना चाहिए और जहां भी पैसा लगाना है एक दूसरे के साथ मिलकर फ़ैसला करना चाहिए।

14. रोमांस का ख़त्म हो जाना -
अधिकांश कपल्स को लगता है कि पति पत्नी के बीच प्यार और रोमांस, विवाह के कुछ माह या सिर्फ़ 1-2 साल तक ही होना चाहिए। इस तरह की सोच के चलते, वो ख़ुद ही कुछ सालों बाद एक दूसरे से भावनात्मक रूप से दूर खिंचे चले जाते हैं। सिर्फ़ ज़िम्मेदारी के बोझ तले, एक दूसरे का साथ निभाते चले जाते हैं। दूसरों को देखकर, अपने पार्टनर को दोषारोपण करने से बेहतर यही है की अपनी सोच बदलें, ज़िन्दगी बेहतर और रोमांटिक दिखाई देने लगेगी। कहा भी गया है कि ना उम्र की सीमा हो, ना जन्म का हो बंधन ..!!

पत्नी पत्नी के बीच रोमांस के ख़त्म हो जाने से पति-पत्नी के बीच झगड़े होने लगते हैं। आपस में चिड़चिड़ापन होना, झुंझलाहट और बात बात पर मनमुटाव होने लगता है। इसलिए रोमांस के लिए भी समय निकालें, ताकि रिश्ते में प्यार की मिठास हमेशा बनी रहे। अपनी ओर से पहल करने में हिचक ना करें। हमेशा याद रखें कि उम्र के साथ ज़िम्मेदारियां बढ़ने से जीने का तरीक़ा ज़रूर बदल सकता है लेकिन ज़िन्दगी जीने का मज़ा आप तभी ले सकते हैं जब आप अपने पार्टनर के साथ रोमांस बरक़रार रखें।



15. फ़िजिकल रिलेशन न होना -
यह एक ऐसा विषय है जिसके बिना वैवाहिक जीवन अधूरा होता है। लेकिन एक बड़ी विडंबना यह है कि इसी विषय को दरकिनार कर दिया जाता है। यह एक कड़वा सच है कि 70% मामलों में पति पत्नी के बीच तलाक़ का कारण उनके बीच फ़िजिकल रिलेशन का न होना होता है। आप यक़ीन करें न करें, लेकिन सच तो यही है कि चाहे कितना भी मनमुटाव हो जाए, दोनों के बीच यदि फ़िजिकल रिलेशन सही है तो झगड़ा, मनमुटाव भी ज़्यादा देर नहीं टिक पाता। 
लेकिन जब वही संबंध दोनों के बीच ना हो तो फ़िर नौबत तलाक तक पहुंचते देर नहीं लगती। पतिपत्नी के संबंधों में हस्तक्षेप करना, पतिपत्नी के संबंधों में किसी दूसरे का दख़ल या सैक्स से संतुष्ट न होने के कारण किसी दूसरे के चक्कर में पड़ जाना आदि कारणों से भी मनमुटाव उत्पन्न होने लगता है। और दोनों के बीच प्यार ख़त्म होने लगता है। इसलिए ध्यान रखें, अपने पार्टनर के साथ भावनात्मक रिलेशन के साथ साथ फ़िजिकल रिलेशन भी बेहतर रखें। 

16. बच्चों की ज़िम्मेदारी -
ज़्यादातर यही देखा जाता है कि 70% पतिपत्नी के बीच पहला बच्चा आते ही स्वाभाविक रूप से प्यार में कमी आ जाती है। लेकिन धीरे धीरे उनकी सोच भी पहले से अलग हो चुकी होती है। बच्चे की ज़िम्मेदारी उठाते उठाते उनकी आदत ही बदल जाती है। दोनों अपने कामों से इतने थक जाते हैं कि ख़ुद के लिए भी उन्हें फ़ुरसत नहीं मिलती। और धीरे धीरे कुछ कपल्स तो अपनी पूरी सोच ही बदल लेते हैं। 

उन्हें लगता है कि बच्चा होने के बाद पति पत्नी के बीच रोमांस अब ख़त्म हो जाना चाहिए। यही सोच धीरे धीरे एक दूसरे के लिए आकर्षण ख़त्म कर देती है और फ़िर प्यार भी। दोनों सिर्फ़ बच्चों के लिए एक मशीन की तरह कर्तव्य निभाने में लगे रहते हैं। फ़िर पति पत्नी के बीच एक दूसरे के लिए पहले जैसा कोई विशेष लगाव नज़र नहीं आता। इसलिए पति पत्नी को एक दूसरे के लिए समय निकालना चाहिए। ताकि सिर्फ़ ज़िन्दगी निभाते रहने के बजाय ज़िन्दगी जीने का मज़ा लेे सकें।


निष्कर्ष (Conclusion )

सबसे पहले तो आप हमारे इस लेख में दिए गए बिंदुओं पर विचार करें। यदि आपके बीच प्यार कम हो रहा है तो इससे निपटने के लिए आप अपने जीवन में विशेष रूप से अपने पार्टनर के लिए समय निकालना शुरू करें। उपरोक्त बिंदु कहने में छोटे ज़रूर हैं लेकिन ये पति पत्नी के रिश्ते के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

यह बात गांठ बांध लें कि पति-पत्नी के बीच प्यार को बढ़ाने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना ज़रूरी होता है। जैसे पर्याप्त समय, उपयुक्त संवाद, संवेदनशीलता, समर्थन, सम्मान के साथ साथ आपसी संबंधों में स्पष्टता इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये सभी आपके  संबंधों को मज़बूत और स्थायी बनाए रखने में मदद करते हैं।

उम्मीद है हमारे इस लेख के सुझाव आपके लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। लेकिन यदि आपके बीच की बाक़ी परिस्थितियां अलग हैं, आपकी स्थिति ज़्यादा गंभीर है। तो आपको विवेकपूर्ण परामर्श के लिए किसी पारिवारिक परामर्शदाता या ज़रूरत पड़े तो किसी मानसिक विशेषज्ञ से भी मिलना चाहिए। ताकि आपका जीवन समस्याओं के बजाय खुशियों से भर जाए। 
(- By Alok)


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