बदलते मौसम में इन बातों का रखें ख़ास ध्यान, सेहत रहेगी मज़बूत

दोस्तों आजकल के मौसम के मिज़ाज के बारे में क्या कहें! उफ़्फ़! दिन भर की गर्मी.., और साथ में सुबह-शाम दोनों टाईम ठंडी...! जी हाँ! आप भी इस बदलते मौसम के तेवर से ज़रूर परेशान होंगे। मौसम के मिज़ाज में तेज़ी से बदलाव हो रहा है। दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड लग रही है।


ऐसे बदलते मौसम के साथ सेहत पर ध्यान देने की ज़रूरत होती है, क्योंकि ऐसे समय में आपको स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की ख़ास ज़रूरत होती है। ऐसे मौसम के तापमान में तेज़ी से उतार-चढ़ाव आने के कारण शरीर ख़ुद को उसके अनुसार जल्दी से ढाल नहीं पाता जिस कारण लोग बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।

दरअसल मौसम में बदलाव होते ही हमारी immunity प्रतिरोधक क्षमता भी बदलती है जिसके परिणामस्वरूप एलर्जिक और वायरल संक्रमण होने का ख़तरा और भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान हमें अपनी दिनचर्या में भी बदलाव कर लेना चाहिए ताकि सेहत दुरुस्त रहे। और हम सेहतमंद बने रहने के लिए ख़ुद को ढाल सकें। 

सुबह-शाम की ठंड हो और साथ ही पूरे दिनभर की गर्मी भी हो तो ऐसी परिस्थिति में सामान्य खांसी, ज़ुकाम, बुख़ार और किसी भी प्रकार के फ़्लू का ख़तरा बना रहता है। चलिए हम आपको मौसम के बदलाव के कारण होने वाले संक्रमण के ख़तरे से बचने के उपाय बताते हैं।



मौसमी बदलाव के संक्रमण से बचने के उपाय क्या हैं? (what are the measures to avoid the transition to seasonal change in hindi)-



दोस्तों बदलते मौसम के दुष्प्रभावों से बचे रहने के कुछ ख़ास उपाय हम आपको बताने जा रहे हैं-

लिक्विड डाइट लें-
ऐसे मौसम में आपको लिक्विड डाइट जैसे छाछ, नींबू पानी, फलों या सब्ज़ियों का रस और पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इस तरह की डाइट आपके लिए बेहत फ़ायदेमंद साबित हो सकती है। इससे शरीर में मौजूद विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। इसीलिये आप पौष्टिक आहार लें और इस समय बाहर के खाने से परहेज़ करें।

ज़्यादा देर तक ख़ाली पेट न रहें-
कोशिश करें कि देर तक भूखे न रहें। यह भलीभाँति जान लें कि ज़्यादा देर तक भूखे रहने से आपकी इम्युनिटी प्रभावित होती है और रोगों के हमला करने की आशंका बढ़ जाती है। जो लोग पहले से किसी बीमारी से संबंधित दवाएं ले रहे हैं, वो अपना ध्यान रखें। 

ठंडा पानी या पेय पदार्थ पीने से बचें-
डायबिटीज के मरीज़, छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाओं को इस बदलते मौसम में ख़ास ख़याल रखने की ज़रूरत है। बहुत ठंडा पानी या अन्य पेय पदार्थ न पीयें इससे गले की समस्या हो सकती है। पंखा और एसी का उपयोग अगर करना ही है तो सावधानी से करें। फ़िलहाल सुबह व शाम की सर्दी है इसलिए गर्म कपड़ों को ज़रूरत के हिसाब से अवश्य पहनें ताकि ठंडी हवा के नुक़सान से बचा जा सके। 

पुराने मरीज़ ध्यान रखें-
मौसम के बदलने पर डायबिटीज़ के मरीज़ व सांस के रोगियों को ज़्यादा तकलीफ़ होती है। ऐसे रोगियों को कमज़ोरी, खांसी, गले में दर्द और घुटन जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। सांस के मरीजों को सांस फूलने, छींक और सांस लेने में तकलीफ़ होना आम बात है। इसलिए ऐसे लोग मौसमी फल खाएं और संतुलित आहार लें। घर से बाहर जाने पर रोगी अपनी दवाएं साथ लेकर जाना न भूलें। 

मास्क को उपयोग के बाद नष्ट करें-
इन दिनों कोरोना वायरस का ज़ोर ज़्यादा है। इसीलिए इससे बचाव के लिए मास्क लगाना ज़रूरी है। ऐसे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो या जिन्हें ज़्यादातर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में आना-जाना पड़ रहा हो। मास्क ज़रूर पहनें।

अक्सर देखा जाता है कि मास्क की जगह पर कई लोग मफ़लर या रूमाल का प्रयोग कर लेते हैं। ऐसा न करें क्योंकि इन्हें धोकर जब फ़िर से इस्तेमाल करेंगे तो इनमें मौजूद वायरस दूसरी चीजों में भी फैल सकते हैं। इसीलिये मास्क को नष्ट कर देने में ही भलाई है।

उपयोग के बाद मास्क को ज़मीन में गाढ़ दें या जला दें अथवा मास्क को फ्लश कर दें। जिम, मॉल, सिनेमाहॉल या यात्रा कर रहे हों तो इस दौरान मास्क ज़रूर पहनें। जगह-जगह थूकने की बेकार की आदत से बचें।

खानपान पर विशेष ध्यान रखें-
इस तरह के बदलते हुए मौसम में ज़्यादातर इम्युनिटी सिस्टम कमज़ोर हो जाता है। ऐसे में सर्दी ज़ुकाम और बुख़ार आदि की परेशानी होना आम बात है। इसीलिये ऐसे मौसम में खानपान तथा रहन-सहन पर विशेष ध्यान रखने की ज़रूरत होती है।
इस बदलते मौसम में वायरल बुखार के मामले बढ़ते हैं। फलस्वरूप बड़ों के साथ-साथ बच्चे भी वायरल बुख़ार की चपेट में आ जाते हैं इसलिए इस मौसम में बच्चों तथा बुज़ुर्गों को विशेष तौर पर सावधान रहने की आवश्यकता होती है।
साफ़ सफ़ाई का ध्यान रखें-
कभी सर्द तो कभी गर्म मौसम हो जाने के कारण सर्दी, खांसी, ज़ुकाम, बुख़ार, गले में दर्द, थकान आदि बीमारियों से लोग परेशान हो रहे होते हैं। इनकी चपेट में आने वालों में सबसे पहले बच्चे ही होते हैं। बच्चों को इनसे बचाना है तो इनके कपड़ों को साफ़ सुथरा रखना ही चाहिए यानि कि साफ़ सफ़ाई पर पूरा ध्यान रखना चाहिए।

बदलते मौसम में बरतें ये सावधानियां (Take these precautions in the changing season in hindi)-


मौसम में परिवर्तन यानि कि बहुत सारी बीमारियों का आगमन। ऐसे में लोगों को विशेष रूप से कुछ सावधानियां बरतने की ज़रूरत होती है।
(1) बदलते मौसम में संक्रमण का ख़तरा ज़्यादा होता है। इसीलिये ऐसे मौसम में सूती और पर्याप्त वस्त्र पहनना चाहिए।
(2) खान पान पर ध्यान देने की ज़रूरत है। इसीलिये पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पर्याप्त पानी पीना चाहिए। मौसमी फलों एवँ सब्जियों का खाने में प्रयोग करना बेहतर होता है। विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा, नींबू ज़्यादा लेना चाहिए क्योंकि ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।
(3) ठंडे पदार्थों का सेवन करना भी कई बार वायरल बुख़ार का कारण बन जाता है। ठंडा खाने या पीने से गला ख़राब हो जाता है इसलिये आइस क्रीम, कोल्ड ड्रिंक आदि से बचना चाहिए। इस मौसम में बाज़ार की वस्तुएं जैसे- पिज़्ज़ा, बर्गर, चाट, तली भुनी चीज़ें, खुले फल आदि खाने से बचना चाहिए।
(4) साफ़ सफ़ाई पर विशेष ध्यान दें। क्योंकि ऐसे मौसम में साफ़ सफ़ाई पर ध्यान न देने से संक्रमण फैलने का ख़तरा ज़्यादा बना रहता है।
(5) सुबह की सैर के साथ-साथ योग भी अच्छा व्यायाम होता है। इसीलिये कोशिश करें कि आपकी दिनचर्या सुबह से ही ऐसी हो जिसमें योग और कसरत को भी प्राथमिकता मिले।
(6) मौसम बदलते समय खांसी एवं फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का ख़तरा ज़्यादा ही बढ़ जाता है। इस तरह की बीमारियों से पीड़ित मरीज़ को रोज़ाना पानी में नमक मिलाकर गुनगुने पानी से गरारे करना चाहिए और संभव हो तो भाप भी लेना चाहिए। अगर इस मौसम में कोई शारीरिक परेशानी होती हो तो अपने चिकित्सक से परामर्श लें। अपने मन से दवाइयों का सेवन ना करें। 
बदलते मौसम में आप उपरोक्त सावधानियाँ अपना कर अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बरक़रार रख सकतें हैं।  परिणामस्वरूप आप अपनी सेहत को लंबे समय तक तंदुरुस्त बनाए रख सकते हैं। उम्मीद है आप हमारे इस अंक "बदलते मौसम में इन बातों का रखें ख़ास ध्यान, सेहत रहेगी मज़बूत" को पढ़ने के बाद मौसमी बदलाव के समय स्वास्थ्य संबंधी ज़रूरी टिप्स को अवश्य अपनाएंगे।
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