शेयर मार्केट में नुक़सान से बचना हो, तो अपनाएं ये 12 तरीके।

दोस्तों नमस्कार! मैं Alok आपकी ख़िदमत में एक बार फ़िर से हाज़िर हूँ। आज हम बात करेंगे share market से जुड़ी कुछ कड़वी सच्चाई के बारे में। सच्चाई यही कि मुनाफ़ा चाहे जितना भी हो। शेयर बाज़ार में नुक़सान से कोई भी बच नहीं सकता।

शेयर मार्केट में नुक़सान से बचने के तरीके

दोस्तों किसी भी ट्रेडिंग में आप 100% अनुमान कभी नहीं लगा सकते। यदि कोई कहता है कि मैंने बिना नुक़सान झेले सिर्फ़ profit ही कमाया है। तो मैं यही कहूंगा कि यह सच्चाई कम, बल्कि अतिश्योक्ति ज़्यादा लगती है।

दोस्तों शेयर बाज़ार की बात चल ही रही है तो यह भी जान लेते हैं कि शेयर बाज़ार क्या है? Share bazar kya hai in hindi? शेयर मार्केट की सामान्य जानकारी देना आपके लिए महत्वपूर्ण है। ताकि आप शेयर बाज़ार kya hota hai जान सकें।

शेयर बाज़ार एक ऐसा बाज़ार है जहाँ कंपनियों के शेयर ख़रीदे-बेचे जाते हैं। किसी भी दूसरे बाज़ार की तरह शेयर बाज़ार में भी ख़रीदने और बेचने वाले एक-दूसरे से मिलकर मोल-भाव कर के सौदे पक्के करते हैं। पहले शेयरों की ख़रीद-बिक्री मौखिक बोलियों से होती थी और ख़रीदने-बेचने वाले मुँह-ज़ुबानी ही सौदे किया करते थे। 

लेकिन अब यह सारा लेन-देन स्टॉक एक्सचेंज के नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटरों के ज़रिये होता है। और तो और इंटरनेट पर भी यह सुविधा मिलती है। आज स्थिति यह है कि ख़रीदने-बेचने वाले एक-दूसरे को जान भी नहीं पाते। लेकिन बाक़ायदा ख़रीद-फ़रोख़्त ऑनलाइन कर लेते हैं।

कुछ साल पहले तक बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सीधे ख़रीद फ़रोख़्त करनी पड़ती थी। पिछ्ले कुछ सालों से कम्प्यूटरों और इंटरनेट के माध्यम से कोई भी घर बैठे शेयरों को ऑनलाइन ख़रीद और बेच सकता है। सूचना क्रांति का यह एक बड़ा ही उत्कृष्ट नमूना है। जो काम पहले कुछ पैसे वाले लोग ही कर सकते थे आज वह एक सामान्य व्यक्ति भी कर सकता है।


हर शेयर ट्रेडर्स का कुछ न कुछ नुक़सान तो तय है। बिना नुक़सान झेले कोई भी ट्रेडर सिर्फ़ मुनाफ़ा ही मुनाफ़ा कमा नहीं सकता। ऐसे में समस्या यही आती है कि ऐसा क्या करें कि शेयर मार्केट में नुक़सान कम हो।

आइये इसे और भी सरल शब्दों में समझने का प्रयास करते हैं। यदि कोई कहता है मैंने ₹ 2000 profit कमाया है। तो समझिए कि हो सकता है जब उसने अपने शेयर देखा हो तो उस समय उसका profit ₹ 2700 रहा हो। लेकिन उसने सोचा हो कि और भी profit क्यूँ न कमा लूँ। और इसी लालच में इंतज़ार करते करते ₹ 700 का नुक़सान झेलना पड़ा हो। यानि कि उस शेयर की क़ीमत उल्टी दिशा में जाने लगी हो। इसीलिए मन मारकर उसे अपना profit ₹2000 पर ही book करना पड़ा हो।

दोस्तों शेयर ट्रेडिंग की दुनिया ऐसी ही है। जहाँ profit और loss का खेल चलता रहता है। यह मार्केट का एक हिस्सा है। जहाँ हम अक़्सर ट्रेडिंग करते समय लालच कर बैठते हैं। फ़िर नुक़सान झेलने के बाद टेंशन में आकर और भी बड़ी-बड़ी ट्रेडिंग करने लगते हैं यही सोचकर कि एक साथ सारा loss कवर हो जाएगा। और बड़ा मुनाफ़ा भी ले लेंगे। परिणाम यह होता है कि आप बार-बार लगातार नुक़सान झेलते चले जाते हैं। मैं तो यही कहूंगा कि अगर आपका आज का अनुमान ग़लत साबित हो रहा है तो ज़रा रुक जाइए। नुक़सान झेलने के बाद, तुरंत कोई ट्रेड न करिये। 


आप मेरी तरफ़ से सतर्कता समझें या इसे आप शेयर मार्केट में पैसा लगाने का तरीका समझें। मैं तो बस शेयर मार्केट के बारे में जानकारी देना चाहता हूं। ताकि कम से कम नुक़सान झेलते हुए अधिक से अधिक profit पा सकें। आइये जानते हैं शेयर बाजार में पैसा कैसे लगाया जाता है? ताकि आपका नुक़सान न्यूनतम हो।


शेयर बाजार में नुक़सान से बचने के 12 टिप्स (12 Tips to Avoid Losses in the Stock Market in hindi)


दोस्तों! शेयर मार्केट में सबसे पहले एक ही बात का ध्यान ख़ुद को पहले दिलाना पड़ता है कि नुक़सान कम से कम हो। आइये जानते हैं, शेयर बाज़ार के नए निवेशक नुक़सान से कैसे बचें? 

1. धैर्य रखना सीखें- शेयर मार्केट की दुनिया में सबसे  महत्वपूर्ण है धैर्य रखना। यानि कि आप किसी भी शेयर की ख़रीदी बिक्री के मामले में धैर्य रखना सीखें। धैर्य न हो तो शेयर बाज़ार से दूर रहें।

2. ख़ुद के अनुभव से सीखें-
मार्केट पर नज़र रखते हु समझदारी से ट्रेडिंग करें, किसी के कहने मात्र से कोई शेयर न खरीदें या बेचें। बल्कि ख़ुद के अनुभव से सीखें।

3. क़िस्मत के भरोसे ट्रेडिंग न करें-
अक़्सर हम यही करते हैं कि जब कुछ समझ नहीं आ रहा होता है तब बेमन से, क़िस्मत के भरोसे ट्रेडिंग कभी न करें, कभी भी नहीं।

4. छोटे-छोटे ट्रेड करें-
एक बार में बड़ा फ़ायदा कमाने का लालच कभी भी न करें। छोटे लेकिन निर्धारित फ़ायदों पर फ़ोकस करें। ज़्यादातर ट्रेडर्स फ़ायदा देखते ही लालच में आ जाते हैं और अपना profit बुक करने के बजाय, और भी ज़्यादा profit के लालच में आकर ट्रेड में बने रहते हैं। परिणाम यह होता है कि उनका बना बनाया profit भी loss में बदल जाता है।

5. छोटे और सस्ते शेयर पर सावधानी से पैसा लगाएं-
छोटे और सस्ते शेयर से दूर रहें। अगर इस तरह के शेयरों पर पैसा लगाना ही है। तो इन शेयरों के फंडामेंटल्स पर पहले ज़रा बहुत रिसर्च कर लें। ऐसा करने से आपको भले ही बड़ा प्रॉफिट मिले न मिले। मगर नुक़सान से आप ज़रूर बच जाएंगे।

6. मुनाफ़े का टारगेट अवश्य निर्धारित करें-
शेयर ख़रीदते या बेचते समय अपने profit का टारगेट निर्धारित करें, अगर target अचीव achive हो जाए। तो मार्केट से बाहर निकल जाना ही बेहतर होगा। यदि मार्केट में एंट्री लेना बहुत ज़्यादा सुरक्षित हो तभी फ़िर से एंट्री लेकर आगे बढ़ें।

7. प्रिंसिपल अमाउंट पहले सुरक्षित कर लें-
अपने हर एक प्रॉफिट में से कुछ हिस्सा निकालकर सुरक्षित जमा करते जाएं। यक़ीन मानिए जब आप अपना प्रिंसिपल अमाउंट या इन्वेस्ट अमाउंट वापस निकाल लेंगे और फ़ायदे की रकम से ट्रेडिंग करेंगें तो आप आत्म विश्वास से परिपूर्ण होकर ट्रेडिंग करना शुरू कर देंगे।

8. हमेशा सीखते रहने की कोशिश करें-
शुरुआत में ज्यादा पैसा नहीं लगाएं, पहले अनुभव लें और मार्केट को समझने और सीखने की कोशिश करें। ट्रेडिंग की दुनिया अनुभव से ही रास आती है। किसी के बताने से आप कभी भी ट्रेडिंग में लंबी पारी नहीं खेल सकते।

9. अपने emotions को हॉबी न होने दें- 
शेयर मार्किट में नुक़सान होने का डर और शेयर के भाव बढ़ने के बाद उसे टारगेट प्राइज़ के बाद भी बढ़ने देने का लालच आपको जोख़िम में डाल सकता है। अतः अपने सूझ-बुझ से काम ले, लालच और डर से बिलकुल दूर रहें।

10. समय को हाथ से न निकलने दें- 
ये एक ऐसी सलाह है जिसे यदि आप किसी financial planners से शेयर बाज़ार से संबंधित सलाह मांगेंगे तो सबसे पहले देंगे। शेयर की ख़रीद-बिक्री करते समय आपको बिल्कुल भी time waste नही करना चाहिये।यदि आपका शेयर target price पर पहुँच गया है। तो उसे जल्दी से बेच दें अथवा यदि आपने पहले बेचा है तो ख़रीद लें। शेयर के भाव का और भी बढ़ने का इंतजार न करें। यदि आपके शेयर के भाव घट रहे हैं तब ये इंतज़ार न करें कि कुछ समय बाद इसके भाव फ़िर बढ़ेंगे। ऐसा करने से नुक़सान कम होता है।

11. किसी एडवाइज़र या प्रोवाइडर के पीछे न भागें-
किसी भी टिप्स प्रोवाइडर और एडवाइज़र के पीछे ना भागे ख़ुद से सीखिए और निवेश कीजिए। शुरुआत में इंट्राडे ना करें। इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए शेयर के उतार-चढ़ाव की फंडामेंटल एनालिसिस होना आवश्यक है। दीर्घकालीन नज़रिया मुनाफ़े का बेहतर विकल्प है।

12. इंट्राडे ट्रेडिंग बहुत सावधानी से करें-

किसी भी शेयर को उसके दैनिक उतार-चढ़ाव के बीच ख़रीदने का जोख़िम ज़रा सावधानी से करें। इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) करना ठीक तो होता है। लेकिन जल्दबाज़ी में पैसा कमाने के चक्कर में उसमें और भी बड़ा नुकसान होने का ख़तरा बना रहता है। किसी भी शेयर की जानकारी ना हो तो उसमें इंट्राडे ट्रेडिंग से बचना ही सही है।

इंट्राडे में कम जोख़िम पर अधिक मुनाफ़ा कमाना है तो आपको मार्केट के बारे में अच्छा ज्ञान होना चाहिये। आपको शेयर बाज़ार में पैसा लगाने का तरीका आना चाहिए। इसके लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि आप टेक्निकल एनालिसिस के बारे में अच्छे से शिक्षा प्राप्त करें। प्रैक्टिस ट्रेडिंग करें, कुछ 5–10 शेयर चुनें और उनकी दैनिक हलचल को ध्यान से ट्रेक करें। उनकी प्रकृति को अच्छी तरह समझें।

उम्मीद है हमारे इस अंक से आपने यह तो अवश्य जान लिया होगा कि "शेयर मार्केट में घाटे से कैसे बचें? | शेयर मार्केट में नुक़सान से बचने के 12 टिप्स" यानि कि मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूँ कि यदि आपने उपरोक्त बिंदुओं को फॉलो करते हुए ट्रेड करना शुरू किया तो यक़ीन मानिए! आपको शेयर मार्केट में मनचाहा पैसा कमाने से कोई भी रोक नहीं पायेगा।

(- By Alok)

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