दिवाली मनाने का ख़ास अंदाज़, 10 बेहतरीन टिप्स के साथ | Right way to celebrate diwali in hindi

जी हाँ दोस्तों! दीपों का त्यौहार means दीपों की दीवाली, ढेर सारी खुशियाँ, ढेर सारा प्यार और ढेर सारी गुडनेस goodness लेकर आपके दरवाज़े पर दस्तक दे चुकी है। हम बात करने वाले हैं कि दिवाली कैसे मनाएं? वैसे तो सभी ने दीवाली को अपने-अपने तरीके से मनाने की planning कर ही ली होगी। लेकिन हमारे बताए हुए कुछ आसान तरीकों से दीवाली को celebrate करेंगे तो बस यूँ समझ लीजिए, आपकी दीवाली बहुत ख़ास, बहुत ही special होने वाली है। "तमसो माँ ज्योतिर्गमय.. !" अर्थात अँधेरे से प्रकाश की ओर गमन..। जी हाँ, हम आसपास के अँधेरे ही नहीं अपितु मन के अँधेरे मिटाने के भी लाजवाब तरीके बताने वाले हैं। बस आप इस अंक के अंत तक हमारे साथ बने रहिये




दीवाली हिन्दू धर्म का सबसे पवित्र और सबसे बड़ा त्यौहार माना जाता है। इस दिन कहावत है कि श्रीराम चंद्र, सीता माता और श्री लक्ष्मण जी 14 वर्ष का वनवास काटकर अयोध्या नगरी को वापस लौटे थे और उन्हीं के आगमन की ख़ुशी में अयोध्यावासियों ने उस कार्तिक मास की अमावस्या की रात को असंख्य दीप को प्रज्वलित कर उस रात्रि का सारा अंधकार उन दीपों के प्रकाश से अदृश्य कर दिया था। तभी से इसे दीवाली के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। यह लगातार 5 दिनों तक चलने वाला, दीपों का बड़ा ही सुन्दर और भावनाओं से जुड़ा त्यौहार है। इसलिए इस त्यौहार को दीपोत्सव भी कहा जाता है। 


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दोस्तों! दिवाली के इस पावन मौक़े पर हम आपसे इस आर्टिकल के बहाने कुछ ऐसी बातें शेयर करने वाले हैं जिन्हे जानकर आप भी इन बातों को अपने और अपनों के साथ अपनाना चाहेंगे। सचमुच ये तरीक़ा अपनाने के बाद आपकी दिवाली यादगार बन जाने वाली है। तो चलिए देखते हैं दीवाली मनाने का ख़ास तरीक़ा क्या है? कुछ स्पेशल Tricks और Tips-


(1) अपनों के साथ रहें- 


आप जहाँ भी हों, जैसे भी हो, दीवाली का त्यौहार हो या कुछ और। हर त्यौहार को अपने परिवार के संग मिलजुलकर मनाएं। इससे आपकी खुशियाँ और चेहरे कि प्रसन्नता दो गुना बढ़ जाएगी। इस पूरी दुनिया में अगर कुछ सबसे अनमोल है तो वह है फैमिली। जी हाँ, अगर possible हो तो pls बाहर घूमकर enjoy करने के बजाय आप अपने घर, अपने परिवार के साथ Celebrate करें। ऐसा करने से आपको और आपके घर वालों को वो ख़ुशी होगी जो किसी 5-star होटल में बैठकर महँगी थाली का पकवान खाकर भी नहीं होगी। और यक़ीन मानिये ऐसा करने से आपको जो आत्मिक शांति और सुख का अनुभव होगा वह अवर्णनीय है।



(2) खुशियाँ बाँटें- 


जब आप घर मे महँगे-महँगे वस्त्र पहनकर, स्वाद से भरपूर मिठाईयां खाकर और ढेर सारे पटाखों का अद्भुत आनंद ले रहे होंगे तो ज़रा अपनी खिड़की के बाहर झाँकिये और देखिए कि कहीं कोई ज़रूरतमंद एक छोटी सी रोटी के टुकड़े के लिए भी आँसू तो नहीं बहा रहा है। अगर ऐसा हो तो आप अपनी तरफ़ से थोड़ा बहुत भोजन या आपसे जो भी बन सके। आप उस ज़रूरतमंद को ज़रूर दें। ये आपकी ज़िंदगी की असली कमाई है और यही आपका सही मायने में Diwali Celebration होगा। ऐसा करके आपने मानो अपने दिल की आवाज़ सुनी है। और आपको इससे जो चैनो-सुक़ून मिलेगा उसकी कोई तुलना ही नहीं। हर बार तो आप अपने तरीक़े से दीवाली मनाते आये हैं। इस बार ज़रा इस तरीक़े से मनाकर देखें।


(3) बच्चों के संग समय बिताएं- 


बच्चों की दुनिया बड़ों की दुनिया से बहुत अलग और रंग-बिरंगी (colorful) होती है। उनके मन मे किसी भी त्यौहार, चाहे वो छोटा हो या बड़ा। सभी के लिए बहुत ही उत्सुकता भर होता है। इसलिए थोड़ी देर के लिए आप भी बच्चे बन जाएं और उनके संग दीवाली को fully enjoy करें। तब आप देखेंगे कि बच्चों के चेहरे पर जो मुस्कान दिखाई देगी वो कोई बड़ा सा और महंगा gift देने से भी उन्हें नहीं मिलेगी। सच मानो तो यही बच्चों और हमारी असली ख़ुशी होती है। दरअसल हम जिनके लिए इतना दौड़-भाग करते हैं और जिन्हें जीवन की हर ख़ुशी देना चाहते हैं। हम उन्हीं को अनजाने में बिसरने लगते हैं। इसलिए बच्चों को समय ज़रूर दें। क्योंकि यही तो वो समय है जब उन्हें हमारी और हमारे प्यार और support की बेहद ज़रूरत होती है। बड़े होकर तो वैसे भी ये ज़िम्मेदारियों के बोझ तले लद जाएंगे।



(4) रंगोली ज़रूर बनाएं- 


रंगोली मतलब रंगों की गोली। जी हाँ, आपके आँगन में जब पीले, नीले, हरे, ग़ुलाबी और सुनहरे रंग की अनमोल आकृतियाँ उभरेंगी तो आपका आँगन किसी सुंदर से बग़ीचे की भाँति खिल उठेगा। हिंदू धर्म में वैसे भी रंगोली, चित्रकला एवं अन्य धार्मिक चिन्ह व आकृतियों को बहुत अधिक महत्व दिया जाता है। कहीं-कहीं तो इसे अनिवार्य भी माना जाता है। तभी ग्रामीण इलाक़ों में गुदना गुदाने का चलन या रिवाज आज भी देखने मिल जाता है। कई लोग तो अपने हाथों में ॐ या कोई विशेष चिन्ह का भी अंकन करते हैं। बल्कि इस मामले में आज का ज़माना भी पीछे नहीं है। आज की नई पीढ़ी ने तो इसे टेटू के रूप में स्वीकार लिया है। तरह-तरह के टेटू आपको बड़े शहरों में बख़ूबी देखने मिल जाएंगे।


(5) दीपों का प्रज्वलन- 


दीपों का प्रज्वलन अपने आपमें एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक कार्य है। हमारे हिन्दू धर्म में वैसे भी सुबह-साँझ भगवान के सामने या तुलसी के पौधे के सामने दीप जलाना अत्यंत शुभ व फलदायक माना गया है। फ़िर दीवाली के इस ख़ास मौक़े पर दीप प्रज्वलन तो बनता है ना! वैसे भी इसमें किसी भी प्रकार्र की कोई बंदिश, सीमा या नियम नहीं है। आप अपनी स्वेच्छा एवं अपनी सहूलियत के हिसाब से दीपों का प्रज्वलन, सावधानी से करें। जब भी आप दीप जलाते हैं, जलाने के बाद ज़रा अपने घर को एक बार देखिए तो सही। कितना सजीव (live) लगने लगता है। ऐसा लगता है मानो घर में रौनक़ आ गयी है।



(6) घर के विशेष कार्यों में ज़रूर हाथ बटाएं- 


वैसे तो हर त्यौहारों में विशेष रूप से घर की सफ़ाई एवं घर को सजाने व सँवारने का काम होता है। लेकिन दिवाली में विशेष रूप से घर की सफ़ाई, पुताई एवं सजावट होती है। तो आप अपने हाथों से अपनों की थोड़ी भी मदद कर दें तो निश्चित तौर पर आप उन्हें एक ख़ास गिफ़्ट या surprise दे सकते हैं। बाक़ी गिफ़्ट या सरप्राइज़ तो आपने पहले भी बहुत दिए होंगे लेकिन इस बार कुछ New & Special करके देखें। ये मदद किसी भी तरह की हो सकती है। जैसे आप उन्हें साफ़-सफ़ाई में थोड़ी मदद कर सकते हैं। या अगर समय का बेहद अभाव हो तो आप उन्हें कम से कम एक कप चाय की प्याली से भी ख़ुश कर सकते हैं। 

(7) अधिक आतिशबाज़ी से बचें- 


आज के समय में पर्यावरण प्रदूषण एक गंभीर समस्या है। इसलिए हम अपने अमूल्य पर्यावरण और हरी भरी धरती को इस दीवाली बचाने का प्रण लेते हैं। इसका सीधा सा उपाय है कि बहुत बड़ी संख्या में फ़िज़ूल की आतिशबाज़ी से बचें साथ ही स्वयं और पर्यावरण दोनों को नुक़सान से बचाने का भरसक प्रयास करें।


(8) ईश्वर को ज़रूर धन्यवाद दें- 


इन सभी कार्यों एवं त्यौहारों को celebrate करने के लिए अपने परम सत्य ईश्वर को ज़रूर धन्यवाद दें। क्योंकि उन्हीं की परम कृपा एवं आशीर्वाद से ही हम और आप इस सुंदर, अलौकिक, अद्भुत और रमणीक संसार के इन अद्भुत नज़ारों का आनंद ले पा रहे हैं।


(9) अपना व अपनों का ख़याल रखें- 


दीवाली के इस पावन त्यौहार में अपने साथ-साथ अपनों का विशेष ख़याल रखें। क्योंकि ज़्यादा काम या साफ़-सफ़ाई अथवा अन्य कारणों से शरीर में कोई कमज़ोरी (weakness) भी आ सकती है। इसलिए काम के साथ-साथ अपने शरीर को भी ध्यान व आराम दें। क्योंकि छोटी-छोटी सावधानियाँ एवं सुरक्षा ही आपको आने वाली बड़ी समस्याओं से बचा सकती हैं।

(10) जीवन को सकारात्मक बनाएं- 


अपने जीवन को दीवाली के दीपों से उज्ज्वल बनाएं। इस दिवाली को अपने जीवन को दीपों की तरह प्रज्वलित एवं उज्ज्वलित करने का प्रण लें। अपने जीवन को सकारात्मकता एवं समृद्धि की दिशा प्रदान करें।


दोस्तों उम्मीद है आपको दीवाली के इस मौक़े पर हमारे इस आर्टिकल "दिवाली मनाने का ख़ास अंदाज़, 10 बेहतरीन टिप्स के साथ" के ये 10 टिप्स ज़रूर पसंद आये होंगे। वो कहते हैं ना, कि त्यौहार पैसों की ताक़त नहीं, बल्कि दिलों की ताक़त देखने आते है। और जिन घरों में सच्ची भावनाओं के साथ, सबके साथ मिलकर त्यौहार मनाये जाते हैं। सचमुच वहाँ भगवान भी प्रसन्न होकर सुख और समृद्धि का दरवाज़ा खोल देते हैं।
- By Poonam


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