इयरफ़ोन का ज़्यादा इस्तेमाल करने से आप बहरे भी हो सकते हैं | Earphone side effect in hindi

ईयरफ़ोन का लंबे समय तक इस्तेमाल करना हो सकता है आपके लिए बेहद ख़तरनाक। जानिए, क्या हैं सावधानियाँ?

दोस्तों कोरोना वायरस covid-19 ने आज पूरी दुनिया की आबो_हवा ही change कर दी है। आप सभी जानते हैं कि इसने कितनी बुरी तरह से अपनी दहशत पूरे विश्व में फैलाया था।  संक्रमण की रफ़्तार इतनी ख़तरनाक थी, कि सरकार के पास लॉकडाउन के फ़ैसले के अलावा कोई और रास्ता ही नहीं रह गया था।


लॉकडाउन के दौरान सरकारी और ग़ैर सरकारी संस्थाओं ने अपने काम काे प्रभावित हाेने से बचाने के लिए अपने-अपने कर्मचारियाें काे वर्क फ्रॉम हाेम की सुविधा प्रदान की। इतना ही नहीं स्कूल, कॉलेज के बच्चाें की भी ऑनलाइन क्लासेस online classes चलानी पड़ी। ऐसे में हमारी टेक्नोलॉजी ने इस मौक़े का पूरा फ़ायदा उठाया।

हालांकि technology का फ़ायदा तो हुआ। लेकिन इसके बाद तो जैसे लोगों को इसकी आदत सी बन गयी है। लोग अब ज़रूरत से ज़्यादा ईयरफ़ोन, हेडफ़ोन और लैपटॉप व मोबाइल का उपयोग करने लगे हैं। यहाँ तक कि छोटे बच्चों को भी online classes के लिए रोज़ाना कई घंटों तक इस्तेमाल करना पड़ रहा है। छोटे बच्चों की online class के समय रखिये इन बातों का विशेष ध्यान।


ईयरफ़ोन की आवश्यकता | ईयरफोन के फ़ायदे

दोस्तों ईयरफोन के फ़ायदे कि बात करें या ये कहें कि इयरफ़ोन की आवश्यकता क्या है? तो हम बता दें कि इयरफ़ोन को बनाया ही इसलिए गया था कि इससे भीड़ से बचा जा सके। ज़्यादा तेज़ी से आने वाली बाहरी आवाज़ के माहौल में भी आप मोबाइल पर आसानी से बात कर सकें। आप चलती कार में हाइवे के शोर-शराबे के बीच भी अपने काम को बिना किसी विघ्न के पूर्ण कर सकें। इयरफ़ोन का सही मायने में उपयोग यही था।

दरअसल ऑनलाइन स्कूल, कॉलेज और ऑफ़िस का काम करने के दौरान अक़्सर लाेग इयरफ़ोन (earphone) लगा लेते हैं। साथ ही हर आयु वर्ग के लाेग इसमें शामिल हो गये हैं। किशाेर और युवाओं ने तो इसे अब मनाेरंजन के लिए लगाना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, अब तो बच्चे और बुज़ुर्ग भी पीछे नहीं हैं।


अगर आप गौर करें तो जीवन में Technology की बढ़ती भूमिका अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आई है। इन्हीं बीमारियों में शामिल हैं ईयरफ़ोन या हेडफ़ोन को ज़्यादा देर तक इस्तेमाल करने से होने वाले ख़तरे। 

क्योंकि लंबे समय तक कानाें में ईयर प्लग लगाने से कान में कई तरह की समस्याएँ जैसे- संक्रमण, कान में खुजली और बहरापन आदि हो जाती हैं। अगर आप भी कुछ ऐसा ही करते हैं तो समय रहते संभल जाइए। क्योंकि ये केवल आपके कानों को ही नुक़सान नहीं पहुँचाता। बल्कि ये आपके शरीर को कई और तरह से भी नुक़सान पहुँचाता है। 

आपके मन में उठने वाला यह सवाल, कि ईयरफ़ोन लगाने से क्या नुक़सान है? तो आज हम चहलपहल के माध्यम से आपको ईयरफ़ोन ज़्यादा इस्तेमाल करने से होने वाले नुक़सानों earphone ke nuksan के बारे में बताने जा रहे हैं।


ईयरफ़ोन से होने वाले नुक़सान | earphones side effects in hindi



आज के आधुनिक दौर में इयरफ़ोन लगाने के फ़ायदे तो मिले हैं लेकिन इससे कहीं ज़्यादा इयरफ़ोन से नुक़सान भोगने पड़ रहे हैं। आइये जानते हैं earphone lagane ke nuksan क्या-क्या हो सकते हैं?
1. कम सुनाई देना - इयर प्लग या इयरफ़ोन के अधिक इस्तेमाल से सुनने की क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
ईयरफोन के लगातार प्रयोग से सुनने की क्षमता 40 से 50 डेसीबेल तक कम हो जाती है। कान का पर्दा वाइब्रेट होने लगता है। दूर की आवाज सुनने में परेशानी होने लगती है। यहाँ तक कि इससे बहरापन भी हो सकता है।
रिसर्चर यह कहते हैं कि यदि कोई व्यक्ति हर दिन एक घंटे से अधिक समय तक 80 डेसीबेल से भी तेज़ वॉल्यूम में संगीत सुनता है, तो उसे कम से कम आने वाले  5 सालों में कान की बड़ी समस्या से जूझना पड़ सकता है। उसे सुनने में कठिनाई हो सकती है या फ़िर वह स्थायी रूप से बहरा भी हो सकता है।
2. कान सुन्न होना - लंबे समय तक earphone से गाना सुनने से आपके कान सुन्न हो सकते हैं। जिस कारण धीरे-धीरे सुनने की क्षमता भी कम हो सकती है। तेज़ आवाज़ में संगीत सुनने से मानसिक समस्याएं तो पैदा होती ही हैं। बल्कि इससे हृदय रोग और कैंसर का भी ख़तरा मँडराने लगता है़। यह बाहरी भाग के कान के परदे को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ अंदरूनी हेयरसेल्स को भी तकलीफ़ पहुँचाता है़।
आमतौर पर देखा जाए तो कान 65 डेसिबल की ध्वनि को ही सहन करने में सक्षम होता है। लेकिन इयरफ़ोन पर अगर आप 90 डेसिबल की ध्वनि को लगभग 40 घंटे से ज़्यादा सुनते हैं तो आपके कान की नसें पूरी तरह डेड (मृत) हो सकती हैं।
3. कान में सूखापन आना - इयरफ़ोन के प्लग अगर आपके कान के कैनल में पूरी तरह से फ़िट नहीं हाेते हैं, तो इससे आपके कानों की त्वचा में घर्षण और सूखापन पैदा हो सकता है।
4. कान का संक्रमण - हम आपको बता दें कि ईयरफोन से लंबे समय तक गाना सुनने से कान में इंफेक्शन भी हो सकता है। त्वचा पर खुजली की समस्या शुरू हो सकती है। यानि कि इससे बैक्टीरियल व फंगल इन्फेक्शन भी हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि इयरफ़ोन के अत्यधिक उपयोग से कानों में और भी अनेक प्रकार की समस्याएँ हो सकती हैं जैसे- कान में छन-छन की आवाज़ आना, अक़्सर कानों में सनसनाहट सुनाई पड़ना, नींद न आना, सिर और कान में दर्द बने रहना आदि।
5. दिमाग़ पर बुरा असरअगर आप इयरफ़ोन कान में लगाकर लंबे समय तक गाना सुनने के शौक़ीन हैं तो आप यह ज़रूर जान लीजिए कि इससे आपके दिमाग़ पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। दरअसल। इयरफ़ोन से निकलने वाली विद्युत चुंबकीय तरंगें दिमाग़ के सेल्स को अत्यधिक क्षति पहुंचाती हैं। 
आज लगभग 50% युवाओं में कान की समस्या का कारण earphones का अत्यधिक प्रयोग करना ही पाया जाता है। इयरफ़ोन के अत्यधिक प्रयोग से कान में दर्द, सिर दर्द या नींद न आने जैसी सामान्य समस्याएँ तो आम हो सकती हैं।

इयरफ़ोन से होने वाले नुक़सान से कैसे बचें | ईयरफ़ोन के संक्रमण से बचने के टिप्स



इयरफ़ोन से होने वाले नुक़सान से बचने के कुछ नायाब टिप्स हम आपको बता रहे हैं। अगर अपने इन टिप्स को अमल में ला लिया तो समझिए। आप इयरफ़ोन लगाने का सही तरीक़ा सीख जाएंगे। आइये जानते हैं इयरफ़ोन को उपयोग करने का सही तरीका क्या है?

1. इयरफ़ोन का ज़्यादा इस्तेमाल न करें - ईयरफ़ोन इस्तेमाल करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आप लगातार ज़रूरत से ज़्यादा समय तक इसका इस्तेमाल ना करें। क्योंकि इससे आप बहरेपन का शिकार बन सकते हैं।

2. बीच-बीच में ब्रेक लें - यदि आप कोई ऐसा काम कर रहे हैं जिसमें इयरफ़ोन का इस्तेमाल बेहद ज़रूरी है। तो हर 1 घंटे के बाद बीच-बीच में आप लगभग 5 मिनट का ब्रेक ले सकते हैं। ताकि आपके कान को थोड़ा आराम मिल सके।

3. अच्छी क्वालिटी के इयरफ़ोन इस्तेमाल करें - यदि आप ईयरफ़ोन का ज़्यादा उपयोग करते हैं तो आप इस बात का ध्यान रखिये कि आपके द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला इयरफ़ोन अच्छी कंपनी यानि कि अच्छी क्वालिटी का हो।

4. इयरफ़ोन सेनेटाइज़ करें - ध्यान रहे, अगर आप अपना इयरफ़ोन किसी से शेयर करते हैं। तो उसे उपयोग में लाने से पहले सेनेटाइज़ ज़रूर कर लें। इससे आप अपने कानों को बेवजह संक्रमण से बचा सकते है।

5. वॉल्यूम ज़्यादा न रखें - अगर आप इयरफ़ोन का ज़्यादा इस्तेमाल करते हैं। तो इस बात का विशेष ध्यान रखिये कि संगीत सुनते समय ज़्यादा वॉल्यूम से न सुनें। और हाँ, अचानक से तेज़ वॉल्यूम न बढ़ाएं। इससे आपके कान के पर्दे डेमेज हो सकते हैं।


निष्कर्ष (Conclusion)



आप ट्रेन में, बस में, कार में, मोटरसाइकिल में, बाज़ार की भीड़-भाड़ में हों या कॉलेज में। आपको कहीं भी इयरफ़ोन/हेडफोन का बहुतायत में इस्तेमाल करते हुए लोग मिल जाएंगे। लेकिन इनमें से कम ही लोग इयरफ़ोन के साइड इफेक्ट और यूज़ करने के सही तरीक़े जानते हैं।

ध्यान रहे, कि जब ज़्यादा ज़रूरत न हो तो इसके ज़रूरत से ज़्यादा इस्तेमाल से बचना चाहिए। earphone use side effects in hindi ईयरफ़ोन साइड इफ़ेक्ट से बचने का यही एक आसान तरीक़ा है। क्योंकि जब ज़्यादा ज़रूरी होगा तब तो आपको इयरफ़ोन लगाना ही होगा। तो क्यूँ न हम इसे बेवजह कान में लगाने से बचें।


ऊपर बतायी गयी छोटी-छोटी मगर आपके कानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण सावधानियाँ दी गयी हैं। अगर आप इनका अच्छी तरह से पालन करें। तो आप earphone ke side effects से बचे रह सकते हैं। निश्चित रूप से आप आपके कानों की कंडीशन और समय के साथ सुनने की क्वालिटी को काफ़ी हद तक बचाए रख सकते हैं। 

फ़िर भी अगर आपके कानों में सरसराहट आने, कान में खुजली या दर्द, सुनने में कमी, खुजली, कान से डिस्चार्ज होना, सिर दर्द आदि के लक्षण दिखाई दें। तो आप फ़ौरन  ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते है।

उम्मीद है आपको हमारा यह अंक 'Earphone side effect in hindi' अवश्य पसंद आया होगा है। अब आप इयरफ़ोन से होने वाले नुक़सान earphone se hone wale nuksan से परिचित हो चुके होंगे। हम आशा करते हैं कि आप ईयरफ़ोन के नुक़सान से बचने का भरसक प्रयास करेंगे।
- By Alok

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