क्या प्रेगनेंसी में खीरा (ककड़ी) खा सकते हैं? | गर्भावस्था में खीरा खाने के फ़ायदे जानकर आप हैरान हो जाएंगे!

प्रेग्नेंसी में खीरा खाने के फ़ायदे और नुक़सान | Pregnancy me kheera khane ke fayde aur nuksan in hindi | Kya Pregnancy Me Kheera Khana Chahiye?

खीरा यानि कि ककड़ी खाना किसे पसंद नही होगा। वैसे भी गर्मी के मौसम में खीरा (ककड़ी) ख़ूब पसंद किया जाता है। पानी से भरपूर होने के कारण खीरा स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है।




खीरे को बहुत पौष्टिक माना जाता है और गर्भवती  महिलाओं को हमेशा पौष्टिक फल-सब्ज़ियाँ खाने की ही सलाह दी जाती है लेकिन प्रेगनेंट महिलाओं को खीरा खाने से पहले यह ज़रूर जान लेना चाहिए कि प्रेग्नेंसी में खीरा खाना चाहिए या नहीं (Pregnancy me kheera khana chahiye ya nahi?) हालांकि, ऐसा ज़रूरी नहीं है कि गर्भवती महिलाएँ खीरा बिल्‍कुल नहीं खा सकती हैं। थोड़ी मात्रा में यानि कि नियंत्रित मात्रा में खीरे का सेवन सुरक्षित रहता है।

गर्भावस्था के दौरान महिला के लिए सलाद का सेवन करना बहुत फ़ायदेमंद होता है। और सलाद के रूप में प्रेग्नेंट महिला खीरा, टमाटर, प्याज़, गाजर, ककड़ी आदि का सेवन कर सकती है। क्योंकि यह सभी सब्ज़ियाँ प्रेगनेंसी के दौरान बहुत फ़ायदेमंद होती है। इस आर्टिकल में हम प्रेग्नेंसी में खीरा खाने के क्या फ़ायदे हैं? (kheera khane ke fayde in pregnancy) के बारे में बताने जा रहे हैं।



प्रेग्नेंसी में खीरा खाने के फ़ायदे (Benefits of eating cucumber during pregnancy in hindi)

प्रेग्नेंसी में ककड़ी (खीरा) खाने की सलाह अमूमन हर गर्भवती महिला को दी जाती है। क्योंकि इसमें कोई संदेह नहीं, कि गर्भावस्था में ककड़ी खाना फ़ायदेमंद साबित होता है। तो चलिये बिना देर किये हम गर्भावस्था में खीरा खाने के फ़ायदे (Garbhavastha me kheera khane ke fayde) जानने का प्रयास करते हैं-

1) वज़न को करे नियंत्रित -
प्रेग्नेंसी के समय में बढ़ते वज़न से परेशान हो रही महिलाएं अपने वज़न को नियंत्रित करने के लिए खीरे का सेवन कर सकती उपयोग में ला सकती है। दरअसल, खीरा (ककड़ी) पानी से भरपूर होने के साथ-साथ कई ज़रूरी पोषक तत्वों से युक्त होता है। साथ ही इसमें कैलोरी की मात्रा काफ़ी कम होती है। जिस कारण यह वज़न को बढ़ने नहीं देता। बल्कि बढ़े हुए वज़न को कम करने में भी सहायक साबित होता है।

2) प्रतिरोधक क्षमता में करे वृद्धि -
ककड़ी (खीरा) एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है जो इम्युनिटी को बढ़ाने में मदद करती है। वैसे भी प्रेगनेंसी के दौरान बॉडी में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण प्रेग्नेंट महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity power) का कमज़ोर होना स्वाभाविक होता है। 

ऐसे में अगर गर्भवती महिला ककड़ी का सेवन करे तो माँ और बच्चे दोनों को ही संक्रमण से बचे रहने में मदद मिल सकती है। खीरे से जुड़े एक शोध में पाया गया है कि इसमें साइटोप्रोटेक्टिव (आंतों में रक्त संचार को बढ़ावा देना) प्रभाव पाया जाता है। जो कि इम्यून सिस्टम को कमज़ोर करने वाले कारणों को नष्ट करने का काम कर सकता है।

3) पानी की कमी करे पूरी -
प्रेग्नेंट महिला के शरीर में पानी की कमी होना गर्भवती माँ और बच्चे दोनों के लिए ही परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे में खीरे का सेवन करना प्रेग्नेंट महिला के लिए बेहद फ़ायदेमंद साबित होता है। क्योंकि खीरे में लगभग 95% पानी मौजूद होता है। इस कारण यह गर्भवती महिला में पानी की कमी से होने वाली डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

4) ब्लड प्रेशर को करे नियंत्रित -
प्रेगनेंसी के दौरान ब्लड प्रैशर हाई होने की समस्या होने का ख़तरा भी लगा ही रहता है। जो कि माँ और बच्चे दोनों के लिए किसी भी प्रकार से सही नहीं है। लेकिन हम आपको बता दें कि ऐसे समय में ककड़ी का सेवन करने से गर्भवती महिला को इस समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है। क्योंकि ककड़ी (खीरा) में मौजूद पोटैशियम, ब्लड प्रैशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। साथ ही खीरे का सेवन करने से हदय को स्वस्थ रहने व कोलेस्ट्रॉल को कण्ट्रोल में रखना आसान हो जाता है।

5) तनाव व चिड़चिड़ाहट करे कम -
ज़्यादातर गर्भवती महिलाएँ प्रेगनेंसी के दौरान चिड़चिड़ापन, तनाव, अवसाद की समस्या से घिर जाती हैं। इन दिनों में महिलाएँ अधिकतर समेत में गुस्से, चिड़चिड़ाहट, आलस और अकेलेपन से झुझती रहती हैं। इसलिए वह किसी से बात करना भी पसंद नहीं करतीं। सीधे शब्दों में कहें तो वह अक़्सर डिप्रेशन में रहती हैं। 

चूँकि ओमेगा-3 फैटी एसिड, डिप्रेशन की समस्या को नियंत्रित करने में मददग़ार होता है। और ख़ास बात यह है कि खीरे में ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा पाई जाती है। जो कि डिप्रेशन से निजात दिलाने में सहायक होता है। साथ ही खीरे में मौजूद विटामिन बी, प्रेग्नेंट महिला के तनाव को दूर कर, मूड को ठीक रखने में मदद करता है।

6) त्वचा में लाए लचीलापन -
गर्भावस्था में खुजली के साथ-साथ कुछ महिलाओं में त्वचा पर जलन और चुभन की समस्या होना आम है। साथ ही गर्भावस्था में बेबी पम्प की वजह से त्वचा में हो रहे लगातार खिंचाव से परेशानी बढ़ने लगती है। खीरे की स्लाइस सीधे त्वचा पर लगाने से इन समस्याओं से राहत पाई जा सकती है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि खीरे में मॉइस्चराइज़िंग और एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने) के गुण पाए जाते हैं। जिस कारण बेबी पंप की वजह से आ रहे त्वचा में खिंचाव की परेशानी कम होती है। क्योंकि त्वचा में लचीलापन बना रहता है।
  
इसके अलावा खीरे में त्वचा को ठंडक प्रदान करने वाले गुण भी पाए जाते हैं। जो त्वचा की सूजन को कम करने के साथ-साथ जलन, चुभन और खुजली की समस्या को ख़त्म करने का काम कर सकते हैं।

7) हड्डियों के लिए उपयोगी -
हड्डियों के लिए विटामिन K बहुत फ़ायदेमंद माना जाता है।जो कि खीरे में मौजूद होता है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिला यदि खीरे (ककड़ी) का सेवन करती है तो इससे प्रेग्नेंट महिला की हड्डियां मज़बूत रहती हैं। जिससे कि महिला को थकान व कमज़ोरी से बचे रहने में मदद मिलती है। साथ ही बच्चे की हड्डियों के बेहतर विकास में भी मदद मिलती है।

दरअसल खीरा शरीर में अम्लीय स्तर को कम कर शरीर के पीएच स्तर को सुंतलित रखने में मदद करता है। चूँकि PH स्तर में असंतुलन के कारण हड्डियों में कमज़ोरी की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसलिए खीरे को हड्डियों के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है

8) पाचन करे मज़बूत -
प्रेगनेंसी के दौरान पाचन क्रिया के कमज़ोर होने के कारण गर्भवती महिला को कब्ज़, एसिडिटी जैसी परेशानियों का सामना ज़्यादा करना पड़ता है। लेकिन यदि प्रेग्नेंट महिला खीरे का सेवन करती है तो महिला को इस परेशानी से निजात पाने में मदद मिल सकती है। क्योंकि खीरे में मौजूद फ़ाइबर पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने और कब्ज़ एसिडिटी जैसी समस्या से बचाने में मदद करता है।

9) बच्चे का विकास करे बेहतर -
विशेषज्ञों के मुताबिक भ्रूण के विकास के लिए कैल्शियम, आयरन और फ़ोलिक एसिड प्रमुख रूप से सहायक माने जाते हैं। आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि ये तीनों ही तत्व खीरे में पाए जाते हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि खीरे का सेवन, भ्रूण के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि खीरे में कैल्शियम, आयरन और फ़ोलिक एसिड के अलावा विटामिन C, विटामिन B1, विटामिन B2, विटामिन B3 व अन्य पोषक तत्व भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। और ये सभी तत्व गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास के लिए बेहद फ़ायदेमंद होते हैं। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि गर्भवती महिला को ककड़ी का सेवन क्यों करना चाहिए?

10. शुगर से करे बचाव -
गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को गेस्टेशनल शुगर होने का ख़तरा ज़्यादा रहता है। लेकिन खीरे खाने से प्रेग्नेंट महिला को इस परेशानी से बचे रहने में मदद मिलती है। क्योंकि खीरा, प्रेगनेंट महिला के ब्लड में शुगर के लेवल को सामान्य रखने में मदद करता है।


गर्भावस्था में खीरा खाने के नुक़सान (Garbhavastha me kheera khane ke nuksan)


आपको जानकर हैरानी होगी कि आमतौर पर प्रेग्‍नेंसी में खीरा खाने की सलाह नहीं दी जाती है।आइये जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में खीरा खाने के साइड इफेक्ट (pregnancy me kheera khane ke side effects) क्या हैं- 

1. खीरे के अत्यधिक सेवन से गैस की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसके अत्यधिक सेवन से गर्भवती महिला के पेट में ऐंठन, अपच, डकार और मरोड़ जैसी समस्या भी हो सकती है।

2. खीरे के बीज में ड्यूरेटिक (मूत्रवर्धक) प्रभाव पाया जाता है। इसलिए ऐसे समय मे खीरे (ककड़ी) का ज़रुरत से ज़्यादा सेवन करने से बार-बार पेशाब लगने की समस्या पैदा हो सकती है।

3. जिन महिलाओं को अक़्सर कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से एलर्जी की शिक़ायत रहती है। ऐसी महिलाओं को खीरे के सेवन से भी एलर्जी की समस्या हो सकती है। इसलिए, ऐसी महिलाओं को बिना किसी एक्स्पर्ट की सलाह के खीरे के सेवन से बचना चाहिए।

4. खीरे का सेवन कुछ मामलों में विषाक्तता का कारण बन सकता है। इसलिए, स्वाद में कड़वे खीरे को न खाने की सलाह दी जाती है


खीरे का सेवन करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ

आप खीरे को सलाद, सूप, सैंडविच और अचार के रूप में खा सकती हैं। प्रेगनेंट महिलाएं खीरे का जूस बनाकर भी पी सकती हैं। ये भी आपके लिए बहुत हेल्‍दी साबित होगा।खीरा खाने से पूर्व निम्न सावधानियों को ध्यान में रखना ज़रूरी है, जो कुछ इस प्रकार हैं -

1. खीरे के छिलके पर अनेक हानिकारक कीटनाशक मौजूद हो सकते हैं। इसलिए इसे खाने से पहले अच्छी तरह धो लें या फ़िर खीरे को छीलकर खाना ज़्यादा सुरक्षित है।

2. खीरे को अच्छी तरह धुलने के बाद ही उसे काटें। और फ़िर खाने के लिए उपयोग में लाएं, क्योंकि खीरे पर धूल-मिट्टी के साथ ही कुछ विषैले रसायन भी मौजूद हो सकते हैं जो गर्भवती महिला और उसके बच्चे के लिए नुक़सानदेह हो सकते हैं।

3. खीरे को ताज़ा-ताज़ा काटकर ही खाएं। पहले से काटकर रखे हुए खीरे को खाने की ग़लती कभी न करें।

4. ककड़ी का सेवन करते समय इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखना चाहिए की ककड़ी कड़वी न हो। गर्भवती महिलाओं के लिए कड़वी ककड़ी नुक़सानदायक साबित हो सकती है।

अब आपके मन में यही सवाल उठ रहा होगा कि प्रेग्नेंसी में खीरा कब खाना चाहिये (pregnancy me kheera kab khana chahiye?) तो इसके लिए खाद्य विशेषज्ञों की मानें तो उनके द्वारा प्रेग्नेंट महिला को पहली और तीसरी तिमाही में खीरा खाने की सलाह दी जाती है। उनके अनुसार प्रेग्नेंट महिला के लिए खीरे का सेवन करने का उपयुक्त समय यही है।


निष्कर्ष (Conclusion)

गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट का बहुत ध्‍यान रखना चाहिए। वैसे तो गर्भवती महिला को ककड़ी का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिए। लेकिन ज़रूरत से ज़्यादा भी ककड़ी का सेवन करना सही नहीं है। क्योंकि ज़रूरत से ज़्यादा किसी भी चीज़ का सेवन प्रेगनेंसी के दौरान नुक़सान पहुँचा सकता है। 

चूँकि सभी महिलाओं की गर्भावस्था में एक जैसी प्रकृति नहीं होती। इसलिए हो सकता है कि आपके लिए खीरा खाने का समय, खीरा खाने की सही मात्रा अलग हो। इसलिए नियंत्रित मात्रा में ही सेवन करें।

उम्मीद है इस लेख में बताए गए फ़ायदे, इस्तेमाल करने के तरीके आपके लिए अवश्य ही मददगार साबित होंगे। आशा करते हैं कि स्वस्थ गर्भावस्था को बनाए रखने में आप इस लेख से सीखकर ज़रूर अपनी दिनचर्या में इसे शामिल करेंगे।

Disclaimer : इस लेख में हमने रिसर्च करते हुए सामान्य तौर पर खीरे (ककड़ी) के फ़ायदों को आपसे साझा किया है। हो सकता है आपको खीरे से एलर्जी हो या आपके साथ पहले से स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या हो। तो आपके लिए यही बेहतर होगा कि आप किसी डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही कोई निर्णय लें।
(- By Poonam)


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