तनाव से ग्रसित होती महिलाएं, क्या हैं लक्षण और इससे बचने के उपाय | mahilayein depression se kaise bachein?

आम जीवन की बात करें तो कामकाजी महिलाओं में तनाव की मात्रा अब ज्यादा बढ़ गयी है। शोधों से इस बात का पता चला है कि महिलाओं को पुरूषों की अपेक्षा अधिक भावनात्मक तनाव व पीड़ा होती है। महिलाओं के लिए ऐसे अनेक कारण हैं जिनके चलते महिलाओं में तनाव के हालात पैदा होते हैं। ऐसे में लगातार सतर्क रहने और सावधान रहने की ज़रूरत होती है। वर्ना यह जमा हुआ दर्द नई-नई परेशानियां खड़ी कर सकता है। ऐसे में तनाव के नुक़सान बड़े और घातक रूप में भी हो सकते हैं।












महिलाएँ अक़्सर घर के कामकाज करते हुए बोर हो जाती हैं। जिसके फलस्वरूप बहसबाज़ी, चिड़चिड़ाहट, हताशा और गुस्सा करना उनके स्वभाव में आ जाता है। जिस कारण महिलाओं में तनाव ज़्यादा देखने मिलता है। जबकि बाहर घूमने फ़िरने से, दोस्तों से बात कर लेने से तनाव कुछ हद तक अवश्य कम हो जाता है।

तनाव क्या होता है? (Tanav kya hota hai?)

तनाव डिप्रेशन यानि कि एक प्रकार का मानसिक विकार होता है जिसके अंतर्गत कोई नकारात्मक विचार दिमाग़ पर हावी हो जाने के कारण व्यक्ति की मानसिक स्थिति विचलित हो जाती है। इस परिस्थिति में मस्तिष्क सही ढंग से काम करना बंद कर देता है। व्यक्ति निराशा के सागर में डूबा रहता है। चाहे फ़िर उसके आस पास कितना भी खुशियों भरा माहौल क्यों न हो। 

स्त्रियाँ ही तनाव से ज़्यादा प्रभावित क्यों होती हैं?




महिलाओं के जीवन पर साधारण तौर पर नज़र डालें तो पाएंगे कि उनके जीवन में कैरियर, बच्चे, परिवार और रिश्तों की बागडोर को ज़िम्मेदारी के साथ निभाने का अधिक दबाव होता है। दरअसल महिलाएं ज़्यादा भावुक और संवेदनशील भी होती हैं। परिणाम यह होता है कि ये तनाव भी जल्दी ही ले लेती हैं। 

महिलाएं अपनी ज़िम्मेदारियों, परिवार व रिश्तों की अधिक परवाह करती हैं। ऐसे में अगर तनाव उनकी सहनशक्ति से बाहर हो जाता है तो इसका असर शरीर और व्यवहार में दिखाई देने लगता है। हम आपको बता दें कि 1980 से पहले भावनाओं के इस अनियंत्रित उबाल को हिस्टीरिया नामक मानसिक रोग कहा जाता था। इनके अंतर्गत वे महिलाएं जो तनाव, परेशानी और सदमे को किसी से कह नहीं पाती। ऐसी महिलाओं में ये शारीरिक लक्षण उभरने लगते हैं। आज के समय में इसे कन्वर्शन डिसऑर्डर कहा जाता है।


महिलाओं में डिप्रेशन के कारण | तनाव क्यों होता है?



तनाव होने के ऐसे कई कारण होते हैं। जिनमें से हम कुछ प्रमुख कारणों का उल्लेख करने वाले हैं। जिनके चलते महिलाओं में तनाव mahilaon me tanav का लेबल ज़्यादा बढ़ने लगता है। ये कारण निम्न हो सकते हैं-

पति पत्नी के रिश्तों में दूरी - 
अक़्सर यह देखा जाता है कि ज़्यादातर मामलों में पति-पत्नी के रिश्तों में दूरियां व आपसी कड़वाहट, महिलाओं को ज़्यादातर प्रभावित करती हैं। आजकल पति-पत्नी जॉब या बिज़नेस की वजह से दूर-दूर रहते हैं। ऐसे में अगर किसी बात पर आपस में ठन जाए तो उनमें ये कड़वाहट और भी गंभीर रूप धारण कर लेती है। आपसी संपर्क टूट जाने के कारण इतना ज़्यादा तनाव हो जाता है कि इसके चलते दिक़्क़तें होनी शुरू हो जाती हैं।


● पति-पति के रिश्तों में शक़ होना
विवाह के कुछ सालों बाद जब पति या पत्नी एक दूसरे के लिए पहले जैसे रुचि या दिलचस्पी नहीं दिखाते तो ऐसी परिस्थिति में पति पत्नी का रिश्ता नीरसता भरा होने लगता है। आपसी विश्वास भी कमज़ोर होने लगता है। फ़िर पति-पत्नी के रिश्तों में शक़ उपजने लगता है। इस निराशा से उपजा तनाव अनेक दिक़्क़तों में डाल सकता है।

घरेलु झगड़ों का बार-बार होना - 
जब पति-पत्नी आपस में मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किये जाते हैं। तब भी तनाव का कारण बनता है।आपसी समझ के न होने या उन्हें सही दिशा में सपोर्ट न मिलने पर वे एक दूसरे के साथ दुर्व्यवहार कर बैठते हैं। ऐसे हालातों में भी महिलाओं के कोमल मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। परिणामस्वरूप उन्हें तनाव होने लगता है। पति-पत्नी के बीच झगड़े क्यों होते हैं? जानें ये 12 कारण।

गंभीर घरेलू समस्याओं का होना
घरेलू समस्याएँ जैसे किसी प्रियजन की मृत्यु, कोई सदमा, धन की हानि, नौकरी या बिज़नेस से हाथ धो बैठना, एक्सीडेंट या गंभीर आघात होना, तनाव की बीमारी के कारणों में से एक हो सकते हैं।

पारिवारिक तालमेल का न होना -
आजकल की फ़ास्ट लाइफ़स्टाइल में बिरले ही परिवार ऐसे मिलते हैं जिनके सदस्यों के बीच बेहतर आपसी तालमेल दिखाई देता है। पारिवारिक कलह से भरी ऐसी परिस्थितियों में घर की महिलाओं पर बुरा असर पड़ता है। परिणाम यह होता है कि महिलाएं कभी-कभी हद से ज़्यादा तनाव की गर्त में चली जाती हैं।


क्या हो सकते हैं लक्षण | महिलाओं में तनाव के लक्षण




महिलाओं के तनाव ग्रस्त होने से उनके शरीर व व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखाई देने लगता है। आइये जानते हैं कि ये तनाव के लक्षण mahilao me tanav ke lakshan क्या हो सकते हैं -

● तनाव होने से अचानक चिल्लाना या चिड़चिड़ापन आ जाता है। जल्दी गुस्सा हो जाने जैसे व्यवहारिक बदलाव दिखाई देने लगते हैं।



● अचानक ज़ोर-ज़ोर से हँसना या रोना, चक्कर आना, पेट मे हवा का गोला घूमता प्रतीत होना या गले में अजीब सा दबाव महसूस होने लगता है।

● कुछ मामलों में हाथ-पैरों में ऐंठन होने लगती हैं। हिचकियाँ आने लगती हैं। कभी-कभी बेहोशी भी आ जाती है।



शुरुआत में ही इसकी समझ ज़रूरी है -

तनाव अगर ज़रूरत से ज़्यादा लंबे समय तक बना रहे तो ऐसी स्थिति में यह मानसिक रूप से कमज़ोर कर देता है। यहाँ तक कि इससे आपकी याददाश्त पर भी बुरा असर पड़ने लगता है। भूख धीरे धीरे कम होने लगती है या ख़त्म हो जाती है। हम आपको बता दें कि इन सभी से समय रहते छुटकारा चाहिए तो आपको योग प्रबंधन बेहतर करना चाहिये। यह मरीज़ की स्थिति के अनुसार काउंसलिंग, दवाइयों, साइकोथैरेपी, हिप्नोथेरेपी आदि के द्वारा ही संभव हो पाता है।


तनाव मुक्त रहने के क्या उपाय हैं? (tanav mukt rahne ke upay kya hain)




ऐसी बहनें जो तनाव ग्रस्त रहती हों। उनके लिए हमारी यही सलाह है कि वे इस परिस्थिति से तब तक नहीं निकल सकती जब तक वे स्वयं न चाहें। इसके लिए उन्हें ख़ुद प्रयत्न करना पड़ेगा। आइये जानते हैं ऐसे कुछ तनाव मुक्ति के उपाय tanav mukt rahne ke upay जिन्हें महिलाएं स्वयं अपना सकती हैं।


1. ख़ुद को प्यार करना सीखें -
केयर और प्यार की बात करें तो महिलाओं के जीवन में उनके लिए सबसे पहले उनका परिवार होता है। जिसे वह खुद से ज़्यादा प्यार व देखभाल करने में लगी रहती हैं। इस व्यस्त दिनचर्या में वह अपने आप पर ध्यान देना ही भूल जाती हैं। इसका एक ही उपाय है कि वे ख़ुद से भी प्यार करें। तभी वह ख़ुद का ख़याल रख पाएंगी।

2. ख़ुद के लिए भी वक़्त निकालें -
महिलाएं हाउसवाइफ़ हों या नौकरीपेशा, उन्हें अपने लिए वक़्त ज़रूर निकालना चाहिए। जिसमें उन्हें कुछ नए कौशल सीखने चाहिए। जैसे कुछ रचनात्मक कार्य। जिन्हें करने में उन्हें ख़ुशी मिल सके। ये रचनात्मक कार्य कई हो सकते हैं जैसे- लिखने का शौक़, पढ़ने का शौक़, संगीत सुनने का शौक़, योग या वर्ज़िश करने का शौक़ या खुली हवा में टहलने का शौक़ आदि। जानिये सुबह-सुबह टहलने के 10 लाजवाब फ़ायदे क्या हैं?


3. अपने आप को व्यस्त रखें -
महिलाएं हों या पुरुष, अपने आप को तनाव से दूर रखने के लिए सबसे बेहतर उपाय है कि वे ख़ुद को रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें। ताकि नकारात्मक negative विचारों के लिए उनके पास टाइम ही न बचे। क्योंकि आपने बुज़ुर्गों को कहते हुए सुना ही होगा कि 'ख़ाली दिमाग़ शैतान का घर होता है।'


4. किसी अपने से बात करें -
यदि में किसी भी बात को लेकर ज़रूरत से ज़्यादा तनाव हो, तो किसी अपने, क़रीबी से बात कर लें ऐसे में मन हल्का हो जाएगा। क़रीबी लोगों में कोई भी हो सकते हैं जो आपके भरोसे के लायक हों। आपका पार्टनर हों तो और भी ज़्यादा बेहतर है। क्योंकि आपकी समस्या को, आपके बाद यदि कोई समझ सकता है तो वो आपका जीवन साथी ही हो सकता है। जिसके साथ आप अपने जीवन के सुख-दुःख को साथ बाँटने का काम करते हैं। दिल की बात साझा कर लेने से व्यक्ति के मन में अगर आत्महत्या जैसे भी विचार आ रहे हों तो ऐसे में वह अपराध करने से बच सकता है।


5. हक़ीक़त को स्वीकार करना सीखें - 
ज़्यादातर मामलों में यही होता है कि हम अपनी तरक़्क़ी से संतुष्ट नहीं होते। हमेशा भाग दौड़ भरी ज़िन्दगीं में शामिल होकर सारी क़ामयाबी चुटकी में पा लेना चाहते हैं। परिणाम यह होता है कि हम तनाव पूर्ण जीवन जीने लगते हैं। इसलिए संतुष्ट रहना सीखें। और स्वस्थ और हेल्दी जीवन जीने का भरपूर आनंद लें। अपनी प्रगति को और भी बेहतर बनाने के लिए ख़ुश रहकर प्रयास करना कोई गुनाह तो नहीं।

6. तनाव की वजह का पता लगाएं -
हमारी ज़िन्दगीं में हम कभी-कभी ऐसी बातों का तनाव लेते रहते हैं जिनके बारे में हमें अच्छी तरह पता होता है। चाहें तो हम बातों को इग्नोर कर अपने तनाव से बच सकते हैं। इसलिए पता लगाने की कोशिश करें कि किस काम, इंसान या वजह से आपको तनाव हो रहा है। उससे बचकर रहने की कोशिश करें। इन उपायों से आप निश्चित रूप से तनाव मुक्त रह सकेंगे।

7. मैडिटेशन अथवा प्राणायाम करें -
आजकल के स्ट्रेस भरे जीवन में फुर्सत के पलों में अपने लिए और अपनी सेहत के लिए कुछ अच्छा करने की फ़ुर्सत भला किसे है। लेकिन हम आपको बता दें कि व्यस्त जीवन शैली में से अपने लिए फ़ुर्सत के कुछ पल अवश्य बचाएँ। सुबह जल्दी उठकर आप मैडिटेशन या प्राणायाम व योग वग़ैरह ज़रूर करें। इससे तनाव की संभावना बहुत कम हो जाती है। और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी इज़ाफ़ा होता है।


उम्मीद है आपने इस लेख में महिलाओं में तनाव के लक्षणतनाव के उपाय के बारे में भलीभाँति जान लिया होगा। हम आशा करते हैं तनाव के कारण, लक्षण एवं मुक्ति के उपाय जानने के बाद आप अपने जीवन में इन बातों से ज़रूर सतर्कता बरतेंगे।
- (By Poonam) 













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