क्या आप भी सुबह उठते ही मोबाइल फ़ोन देखते हैं | हो जाइए सतर्क इससे होने वाले नुकसानों से

दोस्तों आज का युग मोबाइल का युग है। मोबाइल के बिना तो जैसे ज़िंदगी की कल्पना ही नहीं कि जा सकती है।मोबाइल का प्रयोग दैनिक जीवन में बेतहाशा बढ़ गया है। वैसे भी देर रात तक मोबाइल चलाना आम बात हो चुकी है। ये लत इस क़दर बढ़ने लगी है कि इसे छोड़ना उतना ही मुश्किल है जितना कि किसी नशेड़ी से उसकी नशे की आदत छुड़ाना। बस समझ लीजिए कि मोबाइल बिना सब सून...!!
 


हद तो इस बात की होने लगी है कि अब तो अधिकतर लोगों को मोबाइल के बग़ैर नींद भी नहीं आती। अगर कहें कि सोने के लिए माँ की लोरी की जगह अब मोबाइल ने ले ली है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। 

बात यहीं तक सीमित होती तो कुछ और बात थी। मगर अब तो सुबह-सुबह उठते ही हाथ में मोबाइल होना बहुत ज़रूरी हो जाता है। आप सुबह उठते ही सबसे पहले मोबाइल चेक करने लगते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि इस तरह सुबह उठते ही मोबाइल की लत आपको कितना नुकसान पहुंचा सकती है?


लगभग 80 प्रतिशत लोग सुबह उठने के बाद सबसे पहले अपना फ़ोन देखना पसंद करते है या यूँ कहें कि ये लोग अपने फ़ोन के साथ चिपक जाते हैं। एक अलग एवरेज की बात करें तो पाएंगे कि सुबह-सुबह उठने के सिर्फ 15 मिनट के अंदर ही 5 में से 4 लोग अपने फ़ोन को चेक करते है। मगर ऐसा करना उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर अपना गहरा और बुरा असर डालता है ऐसे लोगों को हैल्थ से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। क्या आप जानते है सुबह-सुबह मोबाइल देखने से आपको कितने नुकसान झेलने पड़ सकते हैं? तो चलिए आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से...


सुबह उठकर मोबाइल फ़ोन चलाने के नुकसान (Disadvantages of playing a mobile phone in the morning in hindi)


हाल ही में यूनाइटेड किंगडम में करीब 2000 लोगों पर एक सर्वे किया गया था। इस सर्वे का नतीजा कुछ ऐसा आया कि जो भी लोग सुबह उठकर फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं ऐसे लोगों के दिन की शुरूआत स्ट्रेस से भरपूर होती है। जिस वजह से उन्हें अपना काम करने में कई तरह की परेशानियां आती हैं.


बढ़ सकती है ब्लड प्रेशर की शिकायत-
सुबह उठकर जब हम किसी चीज़ के बारे में सोचने लगते हैं। बार-बार उसी विषय के बारे में सोचने से हमें तनाव और ऐंग्जाइटी होनी शुरू हो जाती है। दरअसल सुबह के समय कई लोगों का ब्लड प्रेशर सामान्य रूप से बढ़ा हुआ होता है। ऐसे में सुबह-सुबह सोशल मीडिया में फ़ैली उलूल-झुलूल बातें पढ़कर या देखकर ज़्यादा तनाव लेने से ब्लड प्रेशर लेवल और भी ज़्यादा बढ़ सकता है। इस वजह से आपको कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।



थकान व सुस्ती महसूस होना-
बार-बार मोबाइल स्क्रीन कि कल क्या किया था आज क्या करना है। ऐसे लोगों के मन में काम को पूरा करने के प्रति डर और चिंता होने लगती है। ऐसे होने पर ऐसे लोगों की सुबह से ही शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है। थकान व सुस्ती महसूस होने लगती है। साथ ही एकाग्रता शक्ति भी कम होने लगती है।

बार-बार फ़्लैशबैक में जाकर हताश होना-
सुबह उठते ही जब हम अपनी E-mails या अलग-अलग Notifications चेक करते रहते हैं तो हम फिर से बीते दिनों की कुछ बातों को पढ़कर परेशान हो जाते हैं और हम पीछे की बातों को भूलाने के बजाए फिर से अपना मन और दिमाग उन बुरी बातों में उलझा लेते हैं।

चिंता व तनाव का कारण बनना-
हमेशा अपने दिन की शुरुआत बिना किसी तनाव और चिंता के शांति से करना चाहिए। चूँकि  सुबह-सुबह उठते ही आपका मोबाइल ढेरों Msgs, E-mails, Facebook, Whatsapp, Instagram आदि ग़ैर ज़रूरी जानकारियों से भरा होता है। यदि आप सुबह-सुबह मोबाइल हाथों में लेंगे तो निश्चित रूप से इन सोशल प्लेटफॉर्म पर जाकर पोस्ट देखना शुरू कर देंगे। आपका दिमाग़ उसी में बंध जाएगा। इस तरह दिन की शुरुआत तनाव और चिंता से करना सेहत के लिए कतई ठीक नहीं है।


चिड़चिड़ेपन की आदत बनना-
सोशल मीडिया का आजकल निजी जीवन में इतना ज्यादा हस्तक्षेप हो गया है कि आप यदि सुबह-सुबह मोबाइल फ़ोन चेक करते हैं तो न चाहते हुए भी चिड़चिड़ापन आ जाता है। सुबह-सुबह के रूटीन की शुरुआत मोबाइल से होने पर स्वभाव में बदलाव आ सकता है। इसका कारण यही है कि सुबह उठकर मोबाइल में अलग कोई ऐसी बात देख ली जो नकारात्मक है तो इसका सीधा असर मूड पर पड़ता है। बात-बात पर गुस्सा आना भी इसकी वजह से हो सकता है।

कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ना-
सुबह-सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल देखने से उसमें आये हुए ढेरों Notifications देखने के बाद आपका मन उन्हीं बातों के विषय में सोचने के लिए मजबूर हो जाता है। सोशल मीडिया में अगर कोई टेंशन वाली बात हो गयी तब तो आप दिन भर के लिए अपना मूड ख़राब कर लेंगे। आपका मन फिर दूसरे कामों में बिल्कुल भी नहीं लगता। जिससे आपकी कार्यशैली बुरी तरह प्रभावित होने लगती है।

डिप्रेशन होने की आशंका होना-
रात को सोते समय मोबाइल देखकर सोने और फ़िर सुबह उठते हुए भी मोबाइल देखने वालों के साथ स्थिति बेहद खराब हो सकती है। ऐसे लोग ज़्यादातर सोशल मीडिया के गिरफ्त में ज़्यादा होते हैं। फेसबुक, व्हाट्सअप आदि पर लोगों की एक्टिविटी से अपनी तुलना करने लगते है। या यूँ कह सकते हैं कि ये एक प्रकार की काल्पनिक दुनिया मे जीने लगते हैं। इसीलिए वास्तविक जीवन में डिप्रेशन का शिकार होने लगते हैं। जिनको बात बात पर गुस्सा भी आता है। जो कि स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक होता है।


कैसी होनी चाहिए सुबह की शुरुआत (How to start the morning in hindi)


सुबह की अच्छी शुरुआत 

दोस्तों हमारे रोज़मर्रा के जीवन में अधिकतर लोगों की सुबह की शुरुआत इतनी बेतरतीबी के साथ होती है कि वो कभी अंदाज़ा भी नहीं लगा पाते कि जिस रूटीन को उन्होंने अपनी आदत बना ली है वही आदत अनजाने में कई बीमारियों को न्योता देने जैसी भी हो सकती हैं। सुबह जागते ही मोबाइल देखने के क्या साइड इफेक्ट (Side effect) हो सकते हैं? मोबाइल की लत को छोड़कर एक अच्छी सुबह की शुरुआत कैसे की जाए? चलिए जानने का प्रयास करते हैं-

बहुत ज़रूरी हो तभी मोबाइल देखें-
बहुत ज़रूरी काम हो तभी सुबह-सुबह स्मार्ट फ़ोन का इस्तेमाल करें अन्यथा प्रयास करें कि सुबह के टाईम अन्य रचनात्मक कार्य करें। सुबह की दिनचर्या का व्यक्ति के मेटाबोलिज़्म Metabolism पर काफी प्रभाव पड़ता है। metabolism को सही रखना यानी कि मूड अच्छा रखने के साथ-साथ सम्पूर्ण शरीर को ऊर्जावान रखने में मदद करता है।


अपने दिन को बनाइये ख़ूबसूरत-
अगर आप सुबह उठते ही स्मार्टफोन पर ना लगे हों तो आप ख़ुद को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं। आत्मचिंतन कर आप पूरे दिन के लिए एक बेहतरीन प्लान बना सकते हैं जो कि मोबाइल फ़ोन पर चिपक जाने की वजह से नहीं ये सब नहीं कर सकते। सुबह-सुबह ख़ुद को समय देना यानी कि ख़ुद को आज़ाद करने के बराबर होता है। ख़ुद को समय देकर आप अपने लिए हर संभव कोशिश कर सकते हैं। इसी तरह आप Morning में Mobile के बिना रहकर बेहतरीन प्लान अपने जीवन के लिए बना सकते हैं।

योग व प्राणायाम करने की आदत बनाएं-
सुबह की शुरुआत अगर आप योग और प्राणायाम से करें तो समझिए इससे बेहतर शुरुआत कोई हो ही नहीं सकती।  सुबह उठते ही मोबाइल की फ़िज़ूल की लत से बेहतर है आप योग-प्राणायाम करें। हो सके तो आप मेडिटेशन meditation भी कर सकते हैं। यक़ीन मानिए इन सभी को करने से आपका तन व मन स्वस्थ व प्रसन्न हो जाएगा। आप सारा दिन फ़्रेश और तनावरहित महसूस करेंगे।

सुबह ख़ाली पेट नीबू पानी पीएं-
रात की अच्छी नींद के बाद सुबह ख़ाली पेट गर्म पानी पीने की आदत डालें। यदि गर्म पानी मे नीबू मिलाकर पीएंगे तो ये और भी बेहतर होगा। क्योंकि सुबह-सुबह नीबू पानी पीने के फ़ायदे अनेक हैं। नीबू पानी से पाचन सही रहता है और आपकी रोगप्रतिरोधक क्षमता में भी बढ़ोत्तरी होती है।

परिवार के साथ वक़्त बिताने का प्रयास करें-
सुबह का इतना प्यार समय आप अपने परिवार के साथ बिताएंगे तो यह समय आपके पूरे दिन के लिए और भी बेहतर साबित होगा। क्योंकि इससे आपके साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों में निश्चित ही पूरे दिन भर के लिए सकारात्मकता आ जाती है। जबकि सुबह-सुबह मोबाइल में सोशल मीडिया आपको सिवाय तनाव और भटकाव के कुछ और नहीं दे सकता।

अपने फ़ोन को बेड से दूर चार्ज करें-
ज़्यादातर लोग रात में सोते समय अपने मोबाइल को बेड के बिल्कुल पास ही चार्ज करने रख देते हैं। और साथ ही देर रात तक फ़ोन पर ही Internet surfing करने लग जाते हैं। फ़िर अगली सुबह उठते ही बिस्तर पर ही मोबाइल पर फिर से internet surfing करने लग जाते हैं। फ़िर सोशल मीडिया का कमाल तो है ही ऐसा कि आप घंटों सोशल मीडिया पर राह सकते है। समय का पता ही नहीं चल पाता। और अगर ये समय सुबह-सुबह का हो तो निश्चित रूप से आपका ढेर सारा बहुमूल्य समय बर्बाद हो जाता है। 


सुबह-सुबह स्वादिष्ट नाश्ता बनाने में लग जाएं-
महिलाएं सुबह-सुबह मोबाइल देखने के बजाय अगर नाश्ता पर ध्यान दें तो उनका ये सुबह का ख़ूबसूरत समय परिवार के साथ स्वादिष्ट नाश्ता बनाने व सर्व करने में लग जायेगा। साथ ही आपके मन को डाइवर्ट Divert करने में मदद मिलेगी। सुबह-सुबह परिवार के साथ स्वादिष्ट नाश्ता करने से दिन की शुरुआत भी अच्छी होगी और एनर्जी energy भी भरपूर मात्रा में मिल सकेगी।

संभव हो तो पुस्तकें और पत्रिकाएं पढ़ें-
अगर आपको पुस्तकें, पत्रिकाएं पढ़ने का शौक हो तो आप कुछ अच्छी-अच्छी ज्ञान वर्धक पुस्तकें पढ़ सकते हैं। किताबें पढ़ने से नई-नई जानकारियों के अलावा आपकी एकाग्रता बढ़ती है। हम इतना बता दें कि घंटों मोबाइल चलाकर टेंशन लेने की अपेक्षा आपके लिए यह तरीका बेहतर हो सकता है।

सुबह की दिनचर्या के बाद ही मोबाइल देखें-
सुबह आपकी दिनचर्या पूरी हो जाये उसके बाद आप चाहें तो मोबाइल देख लें तो कोई हर्ज नहीं। क्योंकि ज़रूरी काम के समय मोबाइल से चिपक जाने से आपके अनेक महत्वपूर्ण कार्य रह जाते हैं। मोबाइल, इंटरनेट, सोशल मीडिया आदि की दुनिया एक भूलभुलैया की तरह जिसमे आप आसानी से जा तो सकते हैं मगर वापसी कब होगी यह कह पाना ज़रा मुश्किल ही होता है।


सुबह-सुबह नकारात्मक बातों से बचें-
सुबह-सुबह सामाजिक, राजनीतिक अथवा रिश्तेदारी ही क्यों न हो। निंदा से बचने का प्रयास करें। ध्यान रखें कि आप सुबह-सुबह अच्छी बातों पर धायण दें। किसी भी विषय लार बात करें तो कोशिश करें कि वह सकारात्मक दिशा में हो। इस तरह आपका दिन ख़ूबसूरत बन जायेगा।

दोस्तों सचमुच जीवन बड़ा अनमोल है। हमारी सोच यही कहती है कि जीवन में खुशियां हैं या नहीं इससे कहीं ज़्यादा मायने रखता है आपका मूड आज सुबह से अच्छा है या नहीं!! क्योंकि एक अच्छी सुबह आपका पूरा दिन खुशियों से भर देती है जहां आप तमाम खुशियों को याद करते हुए पूरा दिन जीते हैं। लेकिन अगर आपकी सुबह की शुरुआत ही नकारात्मक, उदासी, खिन्नता, चिड़चिड़ेपन के साथ हुई हो तो आप पूरा दिन किस तरह बिताएंगे इतना तो आप ख़ुद अंदाज़ा लगा सकते हैं।


इसीलिये हमारी आपसे यही अपेक्षाऐं है कि आप अपनी अनमोल सुबह को Mobile, Whatsapp, Facebook, Instagram और तमाम ऐसे Social media के नाम कर देने के बजाय सेहतमंद और असली खुशी देने वाले कार्यों को अपनाएं और अपने साथ-साथ अपने परिवार की खुशियों का भी ध्यान रखें। आपने हमारे इस अंक में "सुबह-सुबह मोबाइल चलाने से सेहत पर होने वाले नकारात्मक प्रभाव" को अच्छी तरह जान लिया होगा। तो दोस्तों! मिलते है फ़िर किसी और दिलचस्प आर्टिकल के साथ। 

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