कॉफ़ी के फ़ायदे और नुक़सान क्या हैं | Advantages and disadvantages of Coffee in hindi

दोस्तों कॉफ़ी का नाम सुनते ही मन में एक हलचल सी उठने लगती है। ख़ासकर जब हवा सर्द हो, मौसम मखमली ठंड का चोला ओढे हुए हो। आमतौर पर लोग ताज़गी के लिए ही कॉफ़ी पीना पसंद करते हैं। क्योंकि यह स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है कि कॉफ़ी पीने से तन और मन दोनों तरोताज़ा महसूस तो करते ही हैं साथ ही सेहत भी अच्छी रहती है।


कॉफ़ी का स्वाद हल्का कड़वा होने के साथ यह थोड़ी सी अम्लीय (गैस पैदा करने वाली) प्रकृति की होती है। लेकिन कॉफ़ी (Coffee) कई बीमारियों से लड़ने में निश्चित रूप से फ़ायदेमंद हो सकती है। बशर्ते आप ज़रूरत के हिसाब से इसका सेवन करें।

वाकई सुबह-सुबह एनर्जी पाना हो, तो दिन की शुरुआत कॉफ़ी से करना बेहतर माना जाता है। लेकिन कॉफ़ी के सेवन में कुछ सावधानियाँ बहुत ज़रूरी है।

कॉफ़ी का अत्यधिक सेवन आपको हाई ब्लडप्रेशर (High Blood Pressure) का रोगी बना सकता है। साथ ही इसका ज़्यादा सेवन आपकी नींद भी चुरा सकता है।

वैसे अगर आप भी कॉफी के शौक़ीन हैं, तो आपके लिए एक अच्‍छी ख़बर भी है। रोज़ाना 3 से 4 कप कॉफ़ी पीने से आपका हृदय (Heart) बेहतर रहता है और साथ ही इससे मेटाबॉलिक सिंड्रोम (Metabolic Syndrome) के फ़ैलने का ख़तरा भी कम हो सकता है। 

यह बात हाल ही में एक अध्ययन से पता चली है। सुस्ती और आलस को दूर करने में कॉफ़ी, अच्छी ख़ासी मददगार साबित होती है। कॉफ़ी में विशेष तौर पर पाए जाने वाले कैफ़ीन के उत्तेजक गुण आपके मूड को जल्द से जल्द बेहतर करने में मददगार साबित हो सकते हैं।

दुनिया में सबसे ज़्यादा डिमाण्ड की जाने वाली चीज़ों में से एक कॉफ़ी ही है। और इस अंक में हम आपको कॉफ़ी के बारे में जानकारी बताने वाले हैं।

कॉफ़ी का इतिहास

कॉफी पीने का इतिहास क्या है? जानने की कोशिश करें तो पाएंगे कि इसका इतिहास एक इथियोपियाई बकरी चराने वाले के साथ शुरू हुआ था, कहा जाता है कि पहली बार कॉफी बीन्स के प्रभावों की खोज इसी ने की थी। 

कल्दी नाम का चरवाहा जब अपनी बकरियों को मैदान में चरा रहा था। तब उसके सामने एक बड़ी अजीब सी घटना घटी वह यह कि उस चरवाहे की बकरियाँ किसी जंगली पौधे को चबा लेने के बाद ज़ोर-ज़ोर से कूदने लगी थीं। चरवाहे को लगा कि शायद बकरियों ने किसी नशीले पौधे को खा लिया होगा। जिस वजह से सभी की सभी बकरियाँ कूदने-फाँदने लगी थीं। बकरियों की ऐसी दशा देखकर उस चरवाहे ने अपने एक लोकल पादरी को इस घटना के बारे में सब कुछ बताया।

सारी बातों को सुनकर पादरी ने फलियों को उबालकर ड्रिंक बनाया और उसका सेवन भी किया। जिसके बाद एक चमत्कार यह हुआ कि उनमें शाम तक एनर्जी महसूस होने लगी। जबकि वह इससे पहले हर रोज़ सुस्त महसूस करते थे। पादरी के साथ हुए इस चमत्कार के बाद पादरी के सभी साथियों ने कॉफी बीन का ड्रिंक बनाकर पीना शुरू कर दिया और फ़िर धीरे-धीरे दुनिया भर के लोग इसे एनर्जी का स्रोत मानने लगे।


कॉफ़ी से जुड़े विशेष तथ्य




कॉफ़ी के बींस की ख़ुशबू इतनी शानदार होती है कि मन महक उठता है। कॉफ़ी के फल को भूनकर इसके बीजों को तैयार किया जाता है। कॉफ़ी का स्‍वाद और फ़्लेवर कैसा होगा? इस बात से तय होता है कि कॉफी के बींस को कितनी डिग्री पर भूना जाये?

कॉफ़ी की दो किस्‍तें एरेबिका और रोबस्‍ता, दुनिया में सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं। हालांकि, एरेबिका कॉफ़ी की गुणवत्ता सबसे अच्‍छी मानी जाती है और इसकी खुशबू, फ्लेवर एवं स्‍वाद भी बहुत बढिया होता है। वैसे तो सामान्य तौर पर गर्म कॉफ़ी ही पी जाती है लेकिन कुछ लोगों द्वारा में कोल्‍ड कॉफी भी ख़ासी पसंद की जाती है। विश्व स्तर पर उत्पादन की बात की जाए तो दुनिया में ब्राजील, कॉफ़ी का सबसे बड़ा उत्पादक है। 

कॉफ़ी के उत्पादन की बात की जाए तो भारत में सबसे ज़्यादा कॉफी का उत्‍पादन कर्नाटक में किया जाता है और फ़िर इसके बाद केरल तथा तमिलनाडु दोनों मिलकर कुल कॉफ़ी का लगभग 71% हिस्‍सा उत्पादित करते हैं। विशेष रूप से कर्नाटक में चिकमगलूर और कोडगु में कर्नाटक की 80 प्रतिशत कॉफी का उत्‍पादन किया जाता है।

कॉफी में मौजूद कैफ़ीन की वजह से इसे सबसे ज़्यादा पसंद किया जाता है और इसके शरीर पर ऊर्जादायक प्रभाव पड़ते हैं। इकसे अलावा कॉफी डिप्रेशन को भी दूर करती है और ब्रेस्ट कैंसर से बचाती है एवं लिवर को सुरक्षा प्रदान करती है। ये एंटीऑक्सीडेंट्स और अन्‍य जैविक घटकों का बेहतरीन स्रोत है जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है।

कॉफ़ी पीने के फ़ायदे और नुक़सान दोनों हैं। यानि कि कॉफ़ी अगर आपको लाजवाब एनर्जी देती है। तो यही coffee आपकी एनर्जी चुरा भी सकती है। इसलिए कॉफ़ी का सेवन करने संबंधी सावधानियाँ बरतना बहुत ज़रूरी है। हम इस आर्टिकल में कॉफ़ी पीने के फ़ायदे व नुक़सान coffee pine ke fayde aur nuksan in hindi के बारे में बताने वाले हैं।


कॉफ़ी पीने के फ़ायदे (Coffee ke fayde in hindi)



कॉफ़ी पीने के लिए तो जैसे होड़ सी लग जाती है। जिसे देखो उसे ही कॉफ़ी पीने का शौक है। आइये जानते हैं कॉफ़ी पीने के क्या क्या फ़ायदे हैं?

1. कॉफ़ी पीने से मोटापा कम हो सकता है। इसमें मौजूद कैफ़ीन आपके शरीर में उपस्थित वसा को कम करने में मदद करती है और चर्बी को बढ़ने से रोकती है। इसलिए जो लोग अपना वज़न कम करने की चाहत रखते हैं वह कॉफी पीना शुरू कर दें।

2. कॉफ़ी में मैग्नीशियम और पोटैशियम मौजूद होते हैं, जो कि आपके शरीर को इन्सुलिन का उपयोग करने में मदद करते हैं और ब्लड शुगर के स्तर को नियन्त्रित करते हैं। ये मीठा और स्नैक्स खाने की आपकी लालसा को भी कम कर देते हैं।

3. अक़्सर काम की वजह से हमें देर रात तक जागना पड़ता है। जिस वजह से हमारी नींद पूरी नही हो पाती और हमें थकावट होने लगती है। ऐसे में अगर एक कप कॉफी मिल जाये तो हमारी सारी थकावट दूर हो जाती है। यहाँ तक की तनाव भी दूर करने में यह कॉफ़ी बेहद फ़ायदेमंद साबित होती है। एक रिसर्च में बताया गया है कि, 400 मिलीग्राम कैफ़ीन आपकी सहनशक्ति में सुधार कर सकता है।

4. कॉफी दिल की बीमारी के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होती है। एक रिसर्च में बताया गया है कि नियमित रूप से कॉफी पीने वाले लोगों में स्ट्रोक होने का ख़तरा कम हो जाता है। ज़्यादातर देखा गया है कि, महिलाओं में यह हृदय रोगों के ख़तरे को भी कम करता है। यह रक्तचाप को अधिक समय के लिए बढ़ा सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इससे स्ट्रोक या हृदय रोग हो।कुछ शोधों से यह बात पुख़्ता हो चुकी है कि दिन में 2-3 बार कॉफी का सेवन करने से दिल की बीमारी का ख़तरा 21% तक कम हो जाता है।

5. कॉफी डायबिटीज़ के मामले में लाभदायक साबित होती है। जो व्यक्ति दिन में 2-3 बार कॉफी का सेवन करते हैं उन्हें टाइप 2 डायबिटीज होने का ख़तरा कम हो जाता है। रोज़ाना 2 से 3 कप कॉफी पीने से डायबिटीज़ का ख़तरा लगभग 50% तक कम किया जा सकता है।

6. कॉफी पीना उन लोगों के लिए भी फ़ायदेमंद हो सकता है जिन लोगों को पार्किसंस की समस्या है। एक अध्ययन में कहा गया है कि कॉफ़ी पीने वाले 32% से 60% लोगों में पार्किसंस रोग विकसित करने का बहुत कम जोख़िम पाया जाता है। सामान्य रूप से पार्किंसंस रोग लोगों में एक न्यूरोडिजेनरेटिव बीमारी है। 

दरअसल यह मस्तिष्क में डोपामाइन पैदा करने वाले न्यूरॉन्स को ख़त्म कर देता है। अल्जाइमर रोग की तरह ही इस बीमारी का भी कोई इलाज नहीं है। इसी कारण इस रोग की रोकथाम पर ध्यान देना ज़्यादा महत्वपूर्ण है।

7. एक शोध के अनुसार कॉफ़ी के सेवन से ब्रेस्ट कैंसर का ख़तरा कम हो जाता है। कोई महिला अगर स्तनों के आकार को लेकर चिंतित हो तो उसके लिए रोज़ाना सिर्फ 3 कप कॉफ़ी का सेवन बेहद फ़ायदेमंद साबित हो सकता है।

8. कॉफी त्वचा के कैंसर को दूर करने लिए बहुत ही लाभदायक होती है। एक अध्ययन के अनुसार, कॉफ़ी पीने से लगभग 20% पुरुषों में कैंसर और लगभग 25% महिलाओं में गर्भाशय के कैंसर का ख़तरा कम हुआ है। रिसर्च करने वाले लोगों ने दिन में 4 बार कॉफ़ी का सेवन करने की सलाह दी है। जो महिलाएं नियमित रूप से दिन में 2-3 कप कॉफी पीती हैं। उनमें त्वचा के कैंसर का ख़तरा कम होता है। लिवर कैंसर के ख़तरे को भी कम करने में कॉफ़ी भरपूर मदद करती है।

9. कॉफ़ी में मौजूद कैफ़ीन की वजह से रक्त में फैटी एसिड का निर्माण होता है जो कि किसी भी भारी काम को करने वाले इंसान के स्टैमिना (stamina) को बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए रोज़ाना मेहनत वाला काम या साइक्लिंग करने वाले लोगों के लिए कॉफी बहुत ही लाभदायक मानी जाती है।

10. एक अध्ययन के अनुसार, कॉफ़ी पीने वाले लोगों में आत्महत्या का ख़तरा कम देखा जाता है। दरअसल कैफ़ीन केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है और सेरोटोनिन, डोपामाइन और नॉरड्रेनलाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन को बढ़ाता है, जो आपके मूड को अच्छा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक दिन में दो कप कॉफी पीने से लगभग 50% लोगों में आत्महत्या करने का ख़तरा कम होता है। यानि कि डिप्रेशन का ख़तरा कम हो जाता है।


कॉफ़ी पीने के नुक़सान | कॉफ़ी के साइड इफ़ेक्ट्स | Coffee ke nuksan in hindi



आजकल तो डाइटीशियन से लेकर डॉक्टर्स भी कॉफ़ी पीने के साइड इफ़ेक्ट्स के बारे में जानकारी देते रहते हैं। लोग कॉफ़ी पीने का शौक़ तो पाल लेते हैं लेकिन उन्हें ये नहीं पता होता कि ज़्यादा कॉफ़ी पीने के नुक़सान क्या हैं? चलिये हम आपको बता देते हैं कॉफ़ी से होने वाले नुक़सान क्या क्या हैं?

1. ज़्यादा कॉफ़ी पीने से ब्लडप्रेशर और हाइपरटेंशन दोनों बढ़ सकते हैं। हालांकि अलग-अलग बॉडी का एडजस्टमेंट अलग-अलग होता है। फ़िर भी ज़्यादा सेवन से बचना चाहिए।

2. इससे ह्रदय cardiovascular और गुर्दे की बीमारी kidney disease का ख़तरा बढ़ जाता है। कॉफ़ी कब कामलोनें कंपोनेंट्स दवाओं के मेटाबोलिज्म करने को शक्ति को भी प्रभावित कर सकते हैं।

3. कॉफ़ी शरीर में गर्म उत्तेजक प्रभाव के लिए जानी जाती है। यह हमारे शरीर की एनर्जी को बढ़ाने के साथ-साथ डाइजेशन को भी उत्तेजित कर सकती है। और रक्तचाप को बढ़ा सकती है।

4. कॉफ़ी पीने से आपका ध्यान भंग हो सकता है। इसके कारण आपको रात में सोने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

5. शरीर मे मौजूद पित्त गर्म और प्रतिस्पर्धी होते हैं। जिन्हें इस तरह की समस्या ज़्यादा है। उन्हें कॉफ़ी से बचना चाहिए। क्योंकि इस मामले में यह कॉफ़ी आपके गुस्से, सिरदर्द और एसिडिटी को ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ा सकती है।

6. जिन व्यक्तियों को कफ़ की समस्या ज़्यादा हो। उन्हें कॉफ़ी से नुक़सान हो सकता है। ऐसे लोगों को कॉफ़ी लेने के बाद पूरे दिन सुस्ती महसूस हो सकती है। हालांकि ऐसे लोग यदि लिमिट में सेवन करें तो उन्हें भी ऊर्जा और ताज़गी का एहसास मिल सकता है।

7. सोने से कुछ देर पहले कॉफी पीने से आपको सिरदर्द, मतली, तनाव, घबराहट, बेचैनी और तेज़ धड़कनों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इससे आपकी नींद भी ख़राब हो सकती है। 

8. कॉफ़ी में मौजूद कैफ़ीन से सीने की जलन और एसिडिटी भी बढ़ सकती है। एक दिन में तीन कप से ज़्यादा कॉफ़ी पीने से आपका ध्यान भंग होने लग सकता है। जिस कारण आपको रात में सोने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

9. अत्यधिक कैफ़ीन का सेवन करने से आपको दस्त, उल्टी, मांसपेशियों की थकान और वज़न कम होना जैसी अन्य परेशानियाँ भी हो सकती हैं।


कॉफी पीने वालों के लिए जरूरी सावधानियां


एक असमंजस भरा सवाल यही उठता है कि कॉफ़ी पीना चाहिए या नहीं? Coffee pina chahiye ya nahi? सच कहें तो इस बात का फ़ैसला करना बहुत मुश्किल है। लेकिन एक स्टडी से पता चला है कि कॉफ़ी पीने में सावधानियाँ बरतना बेहद ज़रूरी है। तभी आप कॉफ़ी से होने वाले नुक़सान से बचने में सफल हो सकते हैं।

सुबह-सुबह अगर एनर्जी चाहिये, तो कई लोग अपने दिन की शुरुआत कॉफ़ी से ही करना पसंद करते हैं। लेकिन अगर आपको कॉफ़ी पीने का सही समय पता नहीं है। तो आपको काफ़ी के दुष्परिणाम भी भोगने पड़ सकते हैं। 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association) के वैज्ञानिक सत्र 2021 में पेश की गयी इस study में यह बताया गया कि कॉफी पीने से एक तरफ़ जहाँ दिल की धड़कन सामान्य से ज़्यादा हो जाती है, वहीं फ़िज़िकल एक्टिविटी में तेज़ी आती है। साथ ही नींद की अवधि कम हो जाती है। मतलब यह कि कॉफ़ी के सेवन में संतुलन यानि कि बैलेंस और सावधानी रखना बेहद ज़रूरी है।

इन सब परेशानियों से बचना हो तो आपके लिए कॉफ़ी पीने का सही टाइम जानना ज़रूरी है। तो आइये जानते हैं कॉफी पीने का सही समय क्या है?

1. अगर आप सुबह के वक्त कॉफी पीते हैं, तो हम आपको बता दें कि इस समय, ख़ासतौर से सुबह लगभग 8 से 9 के आसपास हार्मोन कार्टिसोलअपने चरम पर होता है। इस समय पर अगर आप कॉफी का सेवन करते हैं, तो आपका स्ट्रेस लेवल कम होने के बजाए बढ़ भी सकता है।

2. किसी विशेष वक्त पर आपको कॉफ़ी पीने की आदत हो गई हो, तब तो स्वयं को ऊर्जावान बनाए रखने के लिए आपको और भी ज़्यादा कॉफी की आवश्यकता महसूस होगी। ऐसे में आप ज़्यादा मात्रा में कैफ़ीन ग्रहण करने लगेंगे। जो कि एक प्रकार की लत है।

3. दिन के एक समय आपके लिए कॉफ़ी पीना सुरक्षित होता है। और वह समय है 10 बजे से 11:30 बजे के बीच का। ऐसा माना जाता है कि इस समय कार्टीसोल का स्तर नीचे होता है। 

4. यदि आप 12 बजे से 1 बजे के बीच कॉफ़ी पीना चाहते हैं। तो आपके लिए यह सही नहीं है। दरअसल इस समय कार्टीसोल का स्तर एक बार फ़िर से ऊपर उठता हुआ होता है। इस वक्त कॉफी पीना आपके लिए निश्चित रूप से नुक़सान दायक हो सकता है।

5. इसके बाद, यानि दोपहर 1 बजे के बाद शरीर में कार्टिसोलका स्तर कम होना शुरू होता है, अत: 1 बजे से शाम 5 बजे के बीच आप किसी भी वक्त कॉफी पीने का लुत्फ़ उठा सकते हैं, यह आपको बिना नुकसान के ऊर्जा प्रदान करेगी।

6 अक़्सर देखने मे आता है कि कई लोग खाना खाने के पहले या ठीक बाद कॉफ़ी पीना पसंद करते हैं। या कुछ लोग तो खाना खाते समय भी कॉफ़ी पीते हैं। हम आपको बता दें कि ऐसा करना आपको नुक़सान पहुँचा सकता है। इससे शरीर में आयरनका अवशोषण बाधित होने लगता है।

7 जब खाना खाना हो तो इस बात का ध्यान रखें कि उसके कम से कम 1 घंटा पहले आप कॉफ़ी का सेवन कतई न करें। अगर आप ए‍नीमिक हैं, तो इस बात का ध्यान रखना आपके लिए और भी ज़्यादा ज़रूरी है। वहीं शाम के बाद कॉफ़ी पीना आपकी नींद को ख़राब कर सकता है।

8. अगर आप सिर्फ़ इसीलिये कॉफ़ी पीना चाह रहे हैं क्योंकि आपको नींद नहीं आ रही है। तो रूक जाइये। देर रात कॉफ़ी पीने की कोशिश हरगिज़ न करिये। क्योंकि कॉफ़ी में मौजूद कैफ़ीन आपको रात में जगाने में मदद करता है। 

कैफ़ीन युक्त पेय पदार्थ पीने से आपको बार-बार बाथरूम भी जाना पड़ सकता है। जिसकी वजह से आपकी रात की नींद भी ख़राब हो सकती है। इसलिए यही सलाह दी जाती है कि सोने के कम से कम 1-2 घंटे पहले तक आप कॉफी का शौक़ ना ही फरमाएँ तो बेहतर होगा।

निष्कर्ष (Conclusion)

जिस तरह आजकल घर-घर में कॉफ़ी पीने का चलन हो चला है। इसे देखकर कॉफ़ी पीने के फ़ायदे व नुक़सान coffee pine ke fayde aur nuksan in hindi बताना बेहद ज़रूरी था। क्योंकि अक़्सर लोग कुछ सवालों में घिरे रहते हैं। जैसे- कॉफ़ी पीना फ़ायदेमंद है या नुकसानदायक? कॉफ़ी कितनी बार पीना चाहिए? या रोज़ कॉफ़ी पीने से क्या होता है? आदि। बस हम यही कहना चाहते हैं कि कॉफ़ी पीने का तरीका सही अपनाएँ। यानि कि सही समय का ध्यान रखें। ऊपर दी गयी सावधानियोंको ध्यान में रखेंगे तो निश्चित रूप से आप कॉफ़ी पीने का फ़ायदा benefits of coffee in hindi ले सकेंगे।
- By Alok

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